आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• *_जय श्री हरि_* •••✦
🧾 *आज का पंचाग* 🧾
सोमवार 09 सितम्बर 2024
09 सितम्बर 2024 दिन सोमवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष कि षष्ठी तिथि है। आज की षष्ठी को श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत के नाम से जाना जाता है। आज की षष्ठी में लोलार्कषष्ठी व्रत मनाया जाता है। आज काशी के भदैनी में स्थित लोलार्क कुण्ड में जिन्हें पुत्र नहीं है, वो लोग पुत्र प्राप्ति की इच्छा से स्नान करते है। यहाँ इस कुण्ड में स्नान करने से पुत्र की प्राप्ति अवश्य ही हो जाती है। आज की षष्ठी में सूर्यषष्ठी व्रत भी झारखण्ड के देव में मनाया जाता है। आज स्वामी कार्तिकेय के दर्शन बहुत ही महत्त्व बताया गया है, आज स्वामी कार्तिकेय के दर्शन से ब्रह्महत्या के पाप तक कट जाते हैं। आज की इस षष्ठी को चर्पटषष्ठी या मन्थानषष्ठी के नाम से भी बंगाल में जाना जाता है। आज की षष्ठी को उड़ीसा में सोमनाथ व्रत के रूप में मनाया जाता है। आज रवियोग एवं परमसर्वार्थसिद्धियोग तथा यमघंट योग और यायीजय योग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत एवं सूर्यषष्ठी व्रत तथा देवषष्ठी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
*महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।*
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🌐 *_शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी_*
📖 *_संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त_*
🧾 *_विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत_*
🔮 *_गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत_*
☸️ *_शक संवत 1946 शक संवत_*
☪️ *_कलि संवत 5125 कलि संवत_*
🕉️ *_शिवराज शक 351_*
☣️ *_आयन – दक्षिणायन_*
☀️ *_ऋतु – सौर शरद ऋतु_*
🌤️ *_मास – भाद्रपद मास_*
🌓 *_पक्ष – कृष्ण पक्ष_*
📅 *_तिथि – सोमवार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि 09:53 PM तक उपरांत सप्तमी_*
🖍️ *_तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।_*
💫 *_नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 06:04 PM तक उपरांत अनुराधा_*
🪐 *_नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरू है। तथा नक्षत्र के जो देवता हैं वो इंद्र और अग्नि हैं।_*
⚜️ *_योग – वैधृति योग 12:32 AM तक, उसके बाद विष्कुम्भ योग_*
⚡ *_प्रथम करण : कौलव – 08:59 ए एम तक_*
✨ *_द्वितीय करण : तैतिल – 09:53 पी एम तक गर_*
🖍️ *_तिथि स्वामी – षष्ठी तिथि के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है।_*
🔥 *_सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक_*
⚜️ *_दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।_*
🤖 *_राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक_*
🌞 *_सूर्योदयः- प्रातः 05:48:00_*
🌅 *_सूर्यास्तः – सायं 06:12:00_*
👸🏻 *_ब्रह्म मुहूर्त : 04:31 ए एम से 05:17 ए एम_*
🌇 *_प्रातः सन्ध्या : 04:54 ए एम से 06:03 ए एम_*
🌟 *_अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:43 पी एम_*
🔯 *_विजय मुहूर्त : 02:23 पी एम से 03:13 पी एम_*
🐃 *_गोधूलि मुहूर्त : 06:33 पी एम से 06:56 पी एम_*
🌃 *_सायाह्न सन्ध्या : 06:33 पी एम से 07:42 पी एम_*
💧 *_अमृत काल : 08:20 ए एम से 10:06 ए एम_*
🗣️ *_निशिता मुहूर्त : 11:55 पी एम से 12:41 ए एम, सितम्बर 10_*
⭐ *_सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:04 पी एम से 06:04 ए एम, सितम्बर 10_*
💮 *_रवि योग : 06:03 ए एम से 06:04 पी एम_*
🚕 *_यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।_*
👉🏽 *_आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।_*
💁🏻♀️ *_आज का उपाय-किसी विप्र को भोजन उपरांत चांदी भेंट करें।_*
🪵 *_वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।_*
❄️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ सर्वार्थ सिद्धि योग/ श्रीस्कन्दषष्ठी व्रत / सूर्य षष्ठी व्रत/ सोमनाथ व्रत (उड़ीसा)/ हिमालय दिवस, भारत के स्वतंत्रता सेनानिनी अर्जुन लाल सेठी जन्म दिवस, अभिनेता अक्षय कुमार जन्मोत्सव, ओस्मेना दिवस, आपातकालीन सेवा दिवस, केयर बियर्स शेयर योर केयर दिवस, राष्ट्रीय बॉस/कर्मचारी विनिमय दिवस, राष्ट्रीय जब सूअर उड़ते हैं दिवस, अंतर्राष्ट्रीय सुडोकू दिवस, सुरक्षित मातृत्व दिवस, विश्व इलेक्ट्रिक वाहन ( ईवी ) दिवस, हिंदी जगत के युग प्रवर्तक भारतेंदु हरिश्चंद्र जन्म दिवस, विश्व ईवी दिवस (World EV Day)
✍🏼 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।।
🗼 *_Vastu tips_* 🗽
पूर्व दिशा में सावधानियां- पूर्व दिशा में भारी समान नहीं रखना चाहिए व्यर्थ की वस्तुएं जैसे कबाड़ आदि नहीं रखना चाहिए. जितना संभव हो सके पूर्व दिशा की तरफ स्थान बढ़ाना चाहिए. यदि पूर्व दिशा की तरफ स्थान काम होता है तो यह एक तरीके से इस दिशा के देवता के अपमान करने जैसा है यदि इस दिशा में शौचालय आदि बनाए हो तो वह जीवन में उन्नति के पथ पर बाधाएं उत्पन्न होने का कारण बन सकता है.
पूर्व दिशा की तरफ स्थान समतल या हल्की सी ढलान वाला होना चाहिए, पूर्व दिशा के स्थान को ऊंचा नहीं करना चाहिए क्योंकि यह सूर्य की आने वाली रोशनी को रोकते हैं और धन हानि का कारण बनते हैं. पूर्व दिशा में बहुत तुमसे पेड़ नहीं होने चाहिए जिनकी छाया घर पर पड़े यह भी अपने आप में नकारात्मक प्रभाव देते हैं और मन में उदासियां भर देते हैं, अनिद्रा और तनाव जैसी परेशानियां इनके कारण जन्म लेती हैं.
♻️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️
स्कूल में अध्यापक खूब कान खींचते थे, डंडों से पिटाई होती थी, लेकिन कोई बच्चा स्कूल में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या नहीं करता था (पता नहीं क्यों ?)
बचपन में महँगे खिलौने नहीं मिलते थे, लेकिन हर खेल बहुत आनंदित करता था (पता नहीं क्यों) ?
घर कच्चे होते थे, कमरे कम होते थे, लेकिन माता-पिता कभी वृद्धाश्रम नहीं जाते थे। (पता नहीं क्यों) ?
घर में गाय की, कुत्ते की, अतिथि की रोटियां बनतीं थी, फिर भी घर का बजट संतुलित रहता था, आज सिर्फ़ अपने परिवार की रोटी महंगी हो गई है। (पता नहीं क्यों) ?
महिलाओं के लिए कोई जिम या कसरत के विशेष साधन नहीं थे, फिर भी महिलाएं संपूर्ण रूप से स्वस्थ्य रहती थी (पता नहीं क्यों) ?
भाई-भाई में, भाई-बहनों में अनेक बार खूब झगड़ा होता था, आपस में कुटाई तक होती थी, परंतु आपस में मनमुटाव कभी नहीं होता था (पता नहीं क्यों) ?परिवार बहुत बडे होते थे, पडोसियों के बच्चे भी दिनभर खेलते थे, फिर भी घरों में ही शादियां होती थी (पता नहीं क्यों) ?
माता-पिता थोडी सी बात पर थप्पड़ मार देते थे, लेकिन उनका मान-सम्मान कभी कम नहीं होता था (पता नहीं क्यों) ?
ऐसे अनेक क्यों ? क्यों ? के सवाल दिल में उठ रहे हैं, आप सभी तक इस क्यों को पहुँचाने की कृपा करें, शायद फिर से पहले जैसा सौहार्दपूर्ण वातावरण, आपसी प्रेम, एकता का माहौल बने।
☕ *आरोग्य संजीवनी* 🫖
*हल्दी का इस्तेमाल करें*
हल्दी में एंटी एंफ्लेमेंटरी पर्याप्त मात्रा में होती है। इस गुण के साथ हल्दी में एक तत्व पाया जाता है। जिसे कुरकुर्मीन कहते हैं। इसके कारण आपके पुरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में माद्दा मिलती है,इसके इस्तेमाल के लिए आप एक गिलास दूध में चुटकी भर हल्दी डालकर अच्छे से पकाएं, उसके बाद ठंडा करके इस दूध का सेवन करें साथ ही हल्दी और पानी का पेस्ट बनाकर प्रभावित हिस्से पर लगाएं, आपको झनझनाहट से राहत पाने में मदद मिलेगी।
*दालचीनी का इस्तेमाल करें*
दालचीनी के इस्तेमाल से भी अपने हाथ पैरों में झनझनाहट को दूर कर सकते हैं। क्योंकि इसके सेवन से आपके शरीर में मैग्नीशियम, और पोटैशियम के तत्वों की कमी को पूरा करने में माद्दा मिलने के साथ आपके ब्लड सर्कुलेशन में भी मदद मिलती है, इससे बचने के लिए आपको एक गिलास में दालचीनी पाउडर को उबाल कर उसके गुनगुना रहने तक उसका सेवन करना चाहिए इसके अलावा आप दालचीनी पाउडर के साथ थोड़ा अदरक भी उबाल सकते है, और उसमे एक चम्मच शहद मिलाकर लेते हैं तो भी आपको फायदा होता है।
📖 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
जल्दी-जल्दी नींद में बिस्तर पर पेशाब कर देने के बाद दामोदर जी उसे साफ करने में लगे थे, ताकि कहीं बहू और बेटा न देख लें। कल ही तो बहू काजल ने नई चादर बिछाई थी और काफी सुनाया था अपने पति रवि को कि अगर इस बार पापा जी ने फिर से चादर गंदी की तो वो इसे साफ नहीं करेगी, भले ही घर छोड़ना पड़े। इसीलिए बेटे-बहू ने कल से ही उन्हें ज्यादा पानी भी नहीं पीने दिया था कि कहीं फिर से दामोदर जी ऐसा न कर दें। 😔
85 वर्षीय दामोदर जी को जबसे किडनी की समस्या हुई है, तबसे ऐसा कभी-कभी हो जाता है। बेचारे दामोदर जी को बहुत अफसोस होता था। जल्दी से चादर हटाकर दामोदर जी उसे बाथरूम में ले जाकर धोने लगे, यह सोचकर कि बहू आज बेटे के साथ अपने भाई की शादी के कपड़े लेने गई है, तो देर से ही लौटेगी। उन्हें भूख भी लग रही थी, पर मन का डर उनके हाथ जल्दी-जल्दी चलाने को मजबूर कर रहा था। चादर भीगने के बाद उठाई नहीं जा रही थी। दामोदर जी की साँसें फूलने लगीं, तभी उन्होंने सामने अचानक बेटे-बहू को खड़ा पाया। 😓
दामोदर जी बस इतना बोले, “बहू, अब नहीं होगा… मैंने साफ कर दी है।” बेटे रवि ने अपने पिता को सहारा देकर कुर्सी पर बैठाया। बहू कुछ कहने लगी, “देख लो, फिर से बिस्तर खराब कर दिया है। कितनी बदबू आ रही है। इन्हें अस्पताल में भर्ती करवाओ।”
लेकिन रवि ने उसे रोकते हुए कहा, “तुम अपने मायके जा सकती हो। उस बाप को कैसे छोड़ सकता हूँ, जिसने मेरी पैंट तक साफ की थी जब मैं कच्छे में पोटी कर देता था। उस बाप का पेशाब नहीं साफ होगा, जिसकी यूनिफार्म पर मैंने उस दिन टॉयलेट कर दी थी, जब पिता जी अपने सम्मान समारोह में जा रहे थे। उन्होंने एक शब्द भी नहीं कहा और खुशी-खुशी पानी से थोड़ा सा साफ कर चले गए।” 💔
“चलिए पापा, कितने गीले हो गए हैं आप, ठंड लग जाएगी। आपके लिए चाय बनाता हूँ।” बेटे ने दीवान से नई चादर निकालकर दामोदर जी के बिस्तर पर बिछाई। उन्हें बैठाया, उनके कपड़े बदले और अपने हाथों से चाय पिलाने लगा। 🍵
दामोदर जी के कांपते हाथ बेटे के सर पर आशीर्वाद देने के लिए उठ गए। आँखों से भी आँसू बह निकले, जिन्हें धोती के कोरों से पोंछते जा रहे थे। सामने लगी पत्नी की तस्वीर को देख मन ही मन बोले, “देख ले विमला, तू कहती थी मैं चली जाऊंगी तो कौन ख्याल रखेगा मेरा। हमारा रवि देख कैसे तेरे बुढ़ऊ की सेवा कर रहा है।” 😢❤️
दरवाजे पर खड़ी बहू भी पश्चाताप के आँसू बहा रही थी। 🙏
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⚜️ षष्ठी तिथि यदि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है। परन्तु ऐसे जातक छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।



