21 बार बजेगा चुनावी वादे का ऑडियो, भाजपा से पूछा जाएगा, सिहोरा जिला कब?

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने आंदोलन के प्रथम चरण का समापन करते हुए बुधवार को विधायक संतोष बरकड़े को स्मरण पत्र सौंपा । विधायक के बाहर रहने के कारण उनके प्रतिनिधि अनुपम सराफ ने समिति से स्मरण पत्र प्राप्त किया। इसी के साथ समिति ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा कर दी है ।
समिति ने 2 सितंबर से सिहोरा के जिम्मेदार भाजपा नेताओं को स्मरण पत्र सौंपकर विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा सिहोरा को जिला बनाने को लेकर की गई घोषणा का ऑडियो सुनाया । समिति ने नेताओं से सवाल किया कि चुनाव के दौरान जनता के बीच मंच से सिहोरा को जिला बनाने का वादा किया गया था, तो सत्ता में आने के बाद उस दिशा में कार्रवाई क्यों दिखाई नहीं दे रही है ।
समिति के सदस्यों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेता द्वारा चुनाव के समय की गई घोषणा को भुला देना उचित नहीं है । भाजपा को भविष्य में फिर जनता के बीच जाना है और उस समय जनता चुनावी वादों का हिसाब जरूर मांगेगी ।
*पहले आग्रह, अब आंदोलन*
समिति का कहना है कि सिहोरा जिला की मांग को लेकर जिम्मेदार नेताओं से पहले भी कई बार आग्रह किया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आया। इसलिए अब समिति केवल आश्वासन के भरोसे रुकने वाली नहीं है। समिति ने स्पष्ट किया कि अब आंदोलन आग्रह से आगे बढ़कर जवाबदेही की दिशा में जाएगा ।
आंदोलन के अगले चरण में 2 अक्टूबर को जबलपुर स्थित भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा । प्रदर्शन के दौरान चुनाव पूर्व की गई घोषणा का ऑडियो 21 बार बजाया जाएगा और भाजपा नेतृत्व से सवाल किया जाएगा कि सिहोरा की जनता से किया गया वादा कब पूरा होगा । साथ ही यह भी पूछा जाएगा कि घोषणा के बाद सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की और सिहोरा को जिला बनाने की पहल किस स्तर पर लंबित है ।
*विधायक के सामने रखे दो विकल्प*
विधायक संतोष बरकड़े के नाम सौंपे गए स्मरण पत्र में समिति ने दो विकल्प रखे हैं । पहला, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा गठित प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के समक्ष विधायक सिहोरा को जिला बनाने के संबंध में लिखित अध्यावेदन प्रस्तुत करें और आयोग के सामने सिहोरा का मजबूत पक्ष रखें ।
दूसरा, विधायक स्वयं भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को साथ लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करें और विधानसभा चुनाव के दौरान की गई घोषणा को अमल में लाने की मांग रखें ।
अब समिति की निगाहें 2 अटूबर पर हैं । उस दिन भाजपा संभागीय कार्यालय के सामने 21 बार चुनावी वादे का ऑडियो बजाकर भाजपा नेतृत्व से एक ही सवाल पूछा जाएगा—“सिहोरा जिला कब?”
स्मरण पत्र सौंपने वालों में समिति के अनिल जैन, कृष्ण कुमार कुररिया, रामजी शुक्ला, संतोष पांडे, शरद सेठ, प्रदीप दुबे, पुरुषोत्तम गुप्ता, मोहन सोंधिया, राजेश कुररिया, सुमित शुक्ला, आलोक जैन, जितेंद्र श्रीवास, दशरथ पटेल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे ।



