मध्य प्रदेश

जय श्रीराम के उद्घोष के बीच 61 फीट के रावण का दहन, आतिशबाजी से जगमगाया आसमान

दो किलोमीटर लंबे दशहरा चल समारोह को दशहरा मैदान पहुंचने में लगे पांच घंटे, शेर डांस, भूत मंडली और राम-रावण दल रहे आकर्षण का केंद्र
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष, ढोल-ताशों की गूंज और रंग-बिरंगी आतिशबाजी के बीच मंगलवार को शाम छः बजे नगर के दशहरा मैदान में 61 फीट ऊंचे विराट रावण के पुतले का दहन किया गया। इस दौरान कुंभकरण और मेघराज के पुतलों का भी रिमोट के जरिए दहन किया गया। पुतलों के जलते ही आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग दशहरा मैदान पहुंचे। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष सचिन नेमा के नेतृत्व में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिलवानी विधायक देवेंद्र पटेल और पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह राजपूत शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष संदीप लोधी, संतोष कड़या रहे। वही कार्यक्रम मै प्रदेश कांग्रेस पूर्व महामंत्री कांग्रेस नेता राजेंद्र तोमर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मलखान सिंह जाट , हिंदू उत्सव समिति के पूर्व अध्यक्ष गण पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान दशहरा मैदान में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
आयोजित दशहरा उत्सव में पूरा नगर उत्साह और उल्लास में डूबा नजर आया।
दोपहर 12 बजे निकला चल समारोह, पांच घंटे में पहुंचा मैदान दशहरा पर्व के अवसर पर दोपहर 12 बजे बजरिया मंदिर चौराहे से भव्य चल समारोह की शुरुआत हुई। करीब दो किलोमीटर लंबे जुलूस में आकर्षक झांकियां, रामदल, रावण दल, पूतना दल, विराट हनुमानजी, कोलकाता वाली काली माता और करनाल वाली माता की झांकियां शामिल रहीं। नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ चल समारोह करीब पांच घंटे बाद दशहरा मैदान पहुंचा। रास्तेभर लोगों ने चल समारोह का स्वागत किया और श्रीराम के जयकारे लगाए।
शेर डांस और भूत मंडली ने बांधा समां
चल समारोह में शेर डांस, भूत पार्टी, रामदल और रावण दल लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। ढोल-ताशा और बैंड दल की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवी बना दिया। ऐतिहासिक अखाड़े के कलाकारों ने शक्ति प्रदर्शन कर दर्शकों का ध्यान खींचा। वहीं बारूद से सजी तोपों का प्रदर्शन और कुंभकरण की झांकी ने भी आयोजन को खास बनाया। विभिन्न झांकियों और दलों की प्रस्तुतियां देखने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
राम-रावण युद्ध के बाद हुआ पुतलों का दहन
दशहरा मैदान में रामदल और रावण दल के बीच युद्ध का रोमांचक दृश्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद शाम करीब साढ़े छह बजे जोरदार आतिशबाजी के साथ 61 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। रिमोट से कुंभकरण और मेघराज के पुतलों का भी दहन किया गया। पुतलों के दहन के साथ ही पूरा मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप शून्य आदित्य श्रीवास्तव ने किया आभार व्यक्त महामंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी ने किया।

Related Articles

Back to top button