सागर के सच्चे सपूत हैं डॉ गौर : डॉ सरिता जैन
सत्ताढ़ाना हाईस्कूल में मनाया गया गौर गौरव दिवस
विद्यार्थियों ने डॉ गौर के रचनात्मक चित्र स्केच उकेरे
रिपोर्टर : कुलदीप चौरसिया
जैसीनगर । सागर के सामान्य परिवार में जन्मे डॉ गौर ने अपनी प्रतिभा से देश विदेश में न सिर्फ अपनी शिक्षा हासिल की बल्कि सागर विश्वविद्यालय की स्थापना कर यहाँ के युवाओं को भी उच्च शिक्षा सहज बना दी। करीब आठ दशकों से यहाँ के प्रतिभाशाली लोगों की प्रतिभा तराशकर उन्हें देश दुनिया में दौलत शौहरत हासिल करने में सक्षम बनाने वाले विश्वविद्यालय की स्थापना करना सरल नहीं था। उनके संघर्ष उन्हें कभी समझोतावादी नहीं बना सके। वह भारत रत्न के सच्चे हकदार हैं! यह बात सत्ताढ़ाना हाईस्कूल की प्राचार्या डॉ सरिता जैन ने कही । वह सत्ताढ़ाना हाईस्कूल में डॉ हरीसिंह गौर जयंती के उपलक्ष्य में जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार गौर गौरव दिवस कार्यक्रम में बोल रहीं थीं। इसके अंतर्गत डॉ गौर आधारित चित्रकला, रंगोली, निबंध लेखन एवं भाषण आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने डॉ गौर के रचनात्मक चित्र स्केच कार्ड शीट पर उकेरे रंगोली पोस्टर में भी डॉ गौर के आकर्षक चित्र एवं विवि तथा यूजीसी के लोगो बनाए! निबंध भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने डॉ गौर के जीवन और अभूतपूर्व कार्यों का वर्णन किया । अंत में विजेताओं को पुरुस्कृत किया गया । जिनमें रंगोली में डॉली लोधी, चित्रकला में काजल पटेल, निबंध में संजना लोधी और भाषण में स्नेहा दांगी विजयी रहीं। विजेताओं को विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता के लिए जैसीनगर तथा जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए सागर भेजा जाएगा! इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्या डॉ सरिता जैन तथा शिक्षक राकेश सेन ने विद्यार्थियों को डॉ गौर के जीवन तथा विविध पहलुओं पर जानकारी दी! कार्यक्रम में उप सरपंच ब्रज बिठ्ठल सिंह, ग्रामीण तथा विद्यालय के समस्त शिक्षक उपस्थित रहे।



