धार्मिक

अखंड निराहार मां नर्मदा परिक्रमा: श्री दादा गुरु भगवान का आज होगा साईंखेड़ा में भव्य आगमन

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा | माँ नर्मदा की गोद में चल रही आध्यात्मिक तपस्या का जीवंत उदाहरण, अवधूत सिद्ध महायोगी श्री दादा गुरु भगवान जी की अखंड निराहार नर्मदा सेवा परिक्रमा का चतुर्थ चरण अब साईंखेड़ा पहुँचने वाला है। वर्षों से बिना अन्न ग्रहण किए केवल माँ नर्मदा के जल के सहारे तपस्यारत दादा गुरु जी के आगमन को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
पीपरपानी से साईंखेड़ा तक होगी पदयात्रा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 फरवरी सोमवार को दोपहर में श्री दादा गुरु जी ग्राम पीपरपानी से अपनी पदयात्रा प्रारंभ करेंगे। शाम लगभग 5 बजे उनका आगमन साईंखेड़ा की सीमा में होगा। यहाँ के कमला पैलेस में रात्रि विश्राम और भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया है, जहाँ श्रद्धालु उनके दर्शन और सत्संग का लाभ उठा सकेंगे।
साधना का अद्भुत मिसाल
श्री दादा गुरु भगवान जी की परिक्रमा अन्य परिक्रमाओं से भिन्न और अत्यंत कठिन है। वे एक ऐसे सिद्ध संत हैं जिन्होंने वर्षों से अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया है और वे पूरी तरह से केवल नर्मदा जल पर ही आश्रित हैं। उनकी यह यात्रा पर्यावरण संरक्षण और नर्मदा शुद्धि के प्रति जनमानस को जागरूक करने का संदेश भी देती है।
24 फरवरी को मुआर के लिए प्रस्थान
अगले दिन 24 फरवरी मंगलवार को सुबह 7 बजे दादा गुरु जी मेन रोड साईंखेड़ा से पदयात्रा प्रारंभ करेंगे। यह यात्रा धूनी दादा दरबार होते हुए ग्राम मुआर की ओर प्रस्थान करेगी। आयोजकों ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि जो भी श्रद्धालु इस पदयात्रा में सम्मिलित होना चाहते हैं, वे धोती (पारंपरिक वेशभूषा) पहनकर अवश्य आएं।
स्थानीय आयोजन समिति और नर्मदा भक्तों ने आग्रह किया है कि इस अलौकिक आध्यात्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। माँ नर्मदा की भक्ति और संतों के सानिध्य का यह संगम साईंखेड़ा के लिए सौभाग्य का विषय है।

Related Articles

Back to top button