क्राइम

कार की पिछली सीट पर मिले देवर-भाभी के सड़े-गले शव

स्टॉप डैम का पानी उतरा तो दिखी कार, 4 महीने से लापता थे
मुरैना । एमपी के मुरैना में स्टॉप डैम के गेट खोले गए तो पानी उतरने पर नदी में कार दिखाई दी। जेसीबी की मदद से इसे बाहर निकाला गया। कार की पिछली सीट पर दो शव थे। एक महिला और दूसरा पुरुष का। शिनाख्त के बाद पता चला कि दोनों करीब 4 महीने से लापता थे। अब पुलिस हादसा या हत्या के एंगल पर जांच कर रही है।
मामला सिहोनिया थाना क्षेत्र का है। यहां क्वारी नदी के गोपी घाट पर बने स्टॉप डैम के गेट मंगलवार को खोले गए थे। करीब 2 घंटे बाद नदी का पानी कम हुआ तो सफेद रंग की कार नजर आई। इसका रजिस्ट्रेशन नंबर MH 03 BC 8720 है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच के दौरान पता चला कि शव 6 फरवरी को अंबाह थाने में दर्ज गुमशुदा महिला मिथलेश सखवार और उसके देवर नीरज सखवार के हैं।
कार के इग्नीशन में चाबी लगी थी। दोनों शव पिछली सीट पर सड़ी-गली हालत में थे। पुलिस ने जिले भर में गुमशुदा लोगों के परिजन को सूचना दी। अंबाह में रहने वाले मुकेश सखवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों की पहचान अपनी पत्नी मिथलेश और चचेरे भाई नीरज के रूप में की।
मुकेश ने बताया कार मेरे चचेरे भाई नीरज सखवार की है। वह उसे किराये पर चलाता था। 6 फरवरी को पत्नी मिथलेश इसी कार से नीरज के साथ छत्ते का पुरा गांव गई थी। वहां से दोनों अंबाह के गुरुद्वारा मोहल्ला स्थित घर आने के लिए निकले लेकिन देर रात तक नहीं पहुंचे। दूसरे दिन तलाश करने के बाद अंबाह थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।’
डीएसपी विजय सिंह भदौरिया ने बताया कि लापता मिथलेश और नीरज की तलाश में पुलिस टीमें मुरैना जिले से लगे भिंड, ग्वालियर, दतिया समेत दिल्ली और गुजरात तक गई थीं। कुछ पता नहीं चला। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्ट्या मामला एक्सीडेंट का नजर आ रहा है। हालांकि, हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। पुलिस दोनों ही एंगल पर जांच कर रही है।
सिहोनिया थाना प्रभारी धर्मेंद्र गौर ने बताया कि लाशों के अवशेष का ग्वालियर लैब में परीक्षण कराया जा रहा है। कार नदी में कैसे पहुंची, इसका भी पता लगा रहे हैं।

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