मध्य प्रदेश

बेगमगंज में तहसीलदार को सूचना पत्र देकर, अनिश्चितकालीन हड़ताल के साथ धरने पर बैठे पटवारी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहे पटवारियों ने अभी तक उनकी न्योचित मांगे स्वीकार नहीं होने के बाद संघ की घोषणानुसार आज 3 अगस्त सोमवार तहसील प्रांगण पहुंचकर नारेबाजी करते हुए सुल्तानगंज तहसीलदार देवेंद्र शुक्ला को अनिश्चितकालीन हड़ताली पत्र आज से संपूर्ण काम बंद करके अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू कर धरने पर बैठे बेगमगंज एवं सुल्तानगंज तहसील के सभी 32 पटवारी।
पटवारी संघ के अध्यक्ष मनीष चौरसिया के नेतृत्व में सूचनापत्र देने वालों में पटवारियों में मनोज अठ्या, सुशील श्रीवास्तव, अंकुर दुबे, महेश कात्यवर, रामकृष्ण शाह, सजल भायजी, देवेश नेमा, कमलेश अहिरवार, भगवान सिंह राय, अजबसिंह धाकड़, योगेंद्र दुबे, शुभम जैन, मुकेश रघुवंशी, मनमोहन सिंह तोमर, सरिता यादव, रेखा राज, काजल गुप्ता, सोनम रजक, ओमप्रकाश भगत, राजेश शर्मा, विशाल गिरी, शशांक श्रीवास्तव, प्रजापाल, अभिषेक पंथी, अमित श्रीवास्तव, सौरभ गुप्ता इत्यादि शामिल थे जिनका कहना है कि जब तक उनकी 5 सूत्रीय मांगे स्वीकार नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।कोई भी पटवारी किसी भी प्रकार का काम नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि मप्र पटवारी संघ के आव्हान पर 5 सूत्रीय मांगों को लेकर बेगमगंज एवं सुल्तानगंज तहसील के सभी 32 पटवारी हड़ताल पर चले गए है।
उनकी मांग है कि मप्र में 1200 राजस्व निरीक्षक के पद रिक्त होने के बाद भी सरकार पद्दोन्नति नहीं कर रही है जबकि राजस्व विभाग के निरीक्षकों, नायब तहसीलदारों एवं तहसीलदारों की पद्दोन्नति की जा चुकी है।
हड़ताली पटवारियों का कहना है कि जब राजस्व विभाग में अन्य पदों के अधिकारियों एवं कमर्चारियों को नियमित पदोन्नति सहित अन्य लाभ दिए जा रहे हैं तो पटवारियों को क्यों नहीं जबकि पटवारी ही सरकार के सबसे बड़े महकमें राजस्व विभाग का काम दिनरात एक करके निभाते हैं ओर सरकार की सबसे ज्यादा योजनाओं में भी परस्पर सहयोग देकर काम पूरा करते हैं।
उनकी न्योचित मांगों में पदोन्नति, समयमान वेतनमान का लाभ, कैडर रिव्यू लागू करना, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा, जज प्रोटेक्शन एक्ट दायरे में शामिल करना, सरकारी विभिन्न योजनाओं का लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान , नियम विरुद्ध किए गए संघ के पदाधिकारियों के तबादले तत्काल निरस्त करने के साथ कहाकि जब तक उपरोक्त मांगे स्वीकृत नहीं होती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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