महिला के सम्मान से खिलवाड़ और IT एक्ट की ‘हैट्रिक

‘नपा अध्यक्ष विनोद मालवीय की भाजपा से छुट्टी, परासिया में भारी उबाल
परासिया। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय एक बार फिर गंभीर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। महिला से कथित रूप से अश्लील संदेश भेजने और छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता द्वारा न्यायालय में धारा 164 के अंतर्गत बयान दर्ज कराए जाने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। इस घटनाक्रम के साथ ही उनके पुराने आपराधिक मामलों की फाइलें भी फिर से चर्चा में आ गई हैं।
सूत्रों के अनुसार विनोद मालवीय के विरुद्ध यह आई.टी. एक्ट के तहत तीसरा मामला दर्ज किया गया है। इससे पूर्व एक आई.टी. एक्ट प्रकरण में वे जेल जा चुके हैं, जबकि दूसरा मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है। विधि विशेषज्ञों के अनुसार, समान प्रकृति के अपराधों की पुनरावृत्ति होने पर आई.टी. एक्ट के तहत कठोर दंड का प्रावधान है।
इतना ही नहीं, मालवीय का नाम सट्टा अधिनियम से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है। जानकारी के अनुसार, थाना परासिया एवं थाना चांदामेटा में उनके विरुद्ध सट्टा एक्ट के अंतर्गत तीन प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पूर्व में आबकारी अधिनियम के तहत भी चांदामेटा थाने में मामला दर्ज होने की पुष्टि हुई है।
लगातार सामने आ रहे मामलों और अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए भारतीय जनता पार्टी ने विनोद मालवीय को पार्टी विरोधी आचरण और छवि धूमिल करने के आरोप में 6 वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी के इस निर्णय को राजनीतिक संरक्षण समाप्त होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष जैसे गरिमामय पद पर रहते हुए इन आरोपों के सामने आने से परासिया शहर में भारी जनआक्रोश व्याप्त है। पीड़िता के न्यायालयीन बयान के बाद नागरिकों द्वारा तत्काल गिरफ्तारी और पद से इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी इस पूरे मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।
फिलहाल, सभी मामलों में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर बताई जा रही है।



