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Today Panchang आज का पंचांग बुधवार, 19 जून 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 19 जून 2024
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – ज्यैष्ठ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 07:28 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी तिथि के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 05:23 PM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र का स्वामी गुरू है। तथा विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
⚜️ योग – सिद्ध योग 09:11 PM तक, उसके बाद साध्य योग
प्रथम करण : बालव – 07:28 ए एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 07:44 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:03 ए एम से 04:43 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:23 ए एम से 05:24 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:42 पी एम से 03:38 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:20 पी एम से 07:40 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:22 पी एम से 08:22 पी एम
💧 अमृत काल : 08:03 ए एम से 09:45 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, जून 20 से 12:43 ए एम, जून 20
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:23 पी एम से 05:24 ए एम, जून 20
💦 अमृत सिद्धि योग : 05:23 पी एम से 05:24 ए एम, जून 20
❄️ रवि योग : 05:23 पी एम से 05:24 ए एम, जून 20
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकले।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻 आज का उपाय-किसी बटुक को कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – प्रदोष व्रत/सर्वार्थसिद्धि योग/अमृतसिद्धि योग, वटसावित्री व्रतारंभ, चपंक द्वादशी (बंगाल), विश्व एथनिक दिवस, जूनटीनथ राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रीय वाचन दिवस, विश्व सिकल सेल जागरूकता दिवस, राष्ट्रीय शिक्षक धन्यवाद दिवस, विश्व सौंटरिंग दिवस, चिकित्सक व वैज्ञानिक सुभाष मुखोपाध्याय स्मृति दिवस, संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के उन्मूलन हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस, नीरज मित्तल समाजसेवी महेंद्रगढ़ हरियाणा जन्म दिवस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी माधवराव सप्रे जन्म दिवस, भारतीय नेता राहुल गांधी जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
घर के मुख्य दरवाजे को लेकर इस बात का भी रखें खास ध्यान
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दरवाजे के सामने पेड़ या खंभा नहीं होना चाहिए। इससे घर के संतान पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही उनके करियर में भी बाधा आती है।
इस बात का भी ध्यान रखें कि घर के मुख्य द्वार के सामने गड्ढा या कुआं नहीं होना चाहिए। इससे घर के लोगों को मानसिक रोग का सामना करना पड़ सकता है।
घर के मुख्य दरवाजे के सामने कीचड़ भी नहीं होनी चाहिए। अगर आपके घर के सामने है तो तुरंत इसे हटा दें। ये बेहद अशुभ माना जाता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार के सामने गंदे पानी का जमाव नहीं होना चाहिए। इससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अगर शरीर के अनुसार हथेली का आकार छोटा हो तो ऐसे लोगों को किसी भी काम को करने में आवश्यकता से अधिक समय लग सकता है। ऐसे लोग दुविधा की स्थिति में अक्सर देखे जा सकते हैं।
अगर हथेली और उंगलियों का आकार बराबर अनुपात में हो तो ऐसे लोग संतलित जीवन जीने वाले माने जाते हैं। इनका व्यवहार भी हर परिस्थिति में एक समान रहता है।
जिन लोगों की हथेली में नसें दिखती हैं उनके जीवन में भी चुनौतियां अधिक आती हैं। ऐसे लोगों को कामुक प्रकृति का भी माना जाता है। विपरीत लिंग के प्रति ये बहुत ज्यादा आसक्त हो सकते हैं।
जिन लोगों की हथेली से ज्यादा लंबी उंगलियां होती हैं उनके निर्णय लेने की क्षमता कमजोर हो सकती है। ऐसे लोग किसी भी फैसले को लेने में बहुत अधिक समय लगा सकते हैं और अक्सर ये दूसरों की राय पर निर्भर रहते है
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
गोंद कतीरा के फायदे पुरुषों में कई शारीरिक समस्याएं और प्रजनन संबंधित समस्याओं को दूर करने में भी गोंद मदद करता है।
पेट में दर्द, पेट फूलना, पेट में सूजन और कब्ज की समस्या को दूर करने के लिए गोंद बेहतरीन है।
गोंद का सेवन करने से शरीर में इरिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या को कम किया जा सकता है।
महिलाओं के शरीर में खूम की कमी होने, डिलीवरी के बाद कमजोरी आने पर गोंद का सेवन फायदेमंद होता है।
बालों का झड़ना, समय से पहले बालों का सफेद होने की समस्या और डैंड्रफ को दूर करता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक लोमड़ी के दो पैर नहीं थे, फिर भी वह खुशी खुशी घसीट कर चल रही थी।
यह कैसे ज़िंदा रहती है जबकि किसी शिकार को भी नहीं पकड़ सकती, किसान ने सोचा. तभी उसने देखा कि एक शेर अपने दांतो में एक शिकार दबाए उसी तरफ आ रहा है. सभी जानवर भागने लगे, वह किसान भी पेड़ पर चढ़ गया. उसने देखा कि शेर, उस लोमड़ी के पास आया. उसे खाने की जगह, प्यार से शिकार का थोड़ा हिस्सा डालकर चला गया।
दूसरे दिन भी उसने देखा कि शेर बड़े प्यार से लोमड़ी को खाना देकर चला गया. किसान ने इस अद्भुत लीला के लिए भगवान का मन में नमन किया। उसे अहसास हो गया कि भगवान जिसे पैदा करते है उसकी रोटी का भी इंतजाम कर देते हैं।
यह जानकर वह भी एक निर्जन स्थान चला गया और वहां पर चुपचाप बैठ कर भोजन का रास्ता देखता। कई दिन गुज़र गए, कोई नहीं आया। वह मरणासन्न होकर वापस लौटने लगा।
तभी उसे एक विद्वान महात्मा मिले। उन्होंने उसे भोजन पानी कराया, तो वह किसान उनके चरणों में गिरकर वह लोमड़ी की बात बताते हुए बोला, महाराज, भगवान ने उस अपंग लोमड़ी पर दया दिखाई पर मैं तो मरते मरते बचा; ऐसा क्यों हुआ कि भगवान् मुझ पर इतने निर्दयी हो गए ?
महात्मा उस किसान के सर पर हाथ फिराकर मुस्कुराकर बोले, तुम इतने नासमझ हो गए कि तुमने भगवान का इशारा भी नहीं समझा इसीलिए तुम्हें इस तरह की मुसीबत उठानी पड़ी। तुम ये क्यों नहीं समझे कि भगवान् तुम्हे उस शेर की तरह मदद करने वाला बनते देखना चाहते थे, निरीह लोमड़ी की तरह नहीं।
हमारे जीवन में भी ऐसा कई बार होता है कि हमें चीजें जिस तरह समझनी चाहिए उसके विपरीत समझ लेते हैं। ईश्वर ने हम सभी के अंदर कुछ न कुछ ऐसी शक्तियां दी हैं जो हमें महान बना सकती हैं।
भगवान कृष्ण भी यही उपदेश गीता में समझाते हैं।r)
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⚜️ आज द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

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