मध्य प्रदेश

मृत्युभोज प्रतिबन्धित करने ग्राम वासियो ने लिया सामूहिक निर्णय

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । मृत्यु भोज तेरहवीं को सभी जगह बंद करने कि आवाज बुलन्द हो रही है इसमे सभी जाति समुदाय के प्रबुध्द लोगो का भी अनुकरणीय सहयोग व समर्थन मिल रहा है। इस कुप्रथा को बंद करने शहरो नगरो गांवो कस्बो सभी मे एक राय बनने से यह सभी समाजो मे बंद किया गया है इसी का अनुसरण करते अब इसका प्रयोग सागर जिले की केसली तहसील के कस्बाई ग्राम नाहरमऊ में मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा को बंद करने के लिये सकल ग्रामवासी स्थानीय श्री राधा-कृष्ण मंदिर मे एकत्र हुए सभी ने बैठक मे एक राय होकर मृत्युभोज जैसी सामाजिक बुराई व अनावश्यक खर्चीली कुप्रथा को सदैव के लिये बन्द् करने का सामूहिक निर्णय लिया गया है। जिसमे सभी समाज के लोगो ने अपनी सहमति प्रदान की जनमत से इस कुप्रथा को ग्राम में इसलिये बन्द कराई गई क्योकि इससे गरीब परिवारो पर आर्थिक संकट से वह परिवार काफी परेशान हो जाते है परिवार मे जिनकी मृत्यु लम्बी बीमारी या दुर्घटना से होती है इसमे उनके इलाज आदि में लाखों रुपए खर्च हो जाते हैं परिणाम स्वरुप सभी ग्रामीणों ने इस पर सहमति जताई इसलिए गरीब परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो जाती है। उन्हे मृत्युभोज के लिये कर्ज लेकर या चलाचल सम्पति आदि बेचकर करना पडती है ऐसे अनेको कारण है जिस पर विचार कर सभी ग्राम वासियो व्दारा सर्व सहमति से मृत्यु भोज बन्द कराने का निर्णय लिया गया ।
इस अवसर पर सभी ग्राम वासियों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय और लिया जिसमें ग्राम मे अवैध रुप से बिकने वाली देशी शराब और शराब पीने बालों पर पुलिस व प्रशासनिक कार्रवाही एवं सामाजिक संगठन द्वारा भी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है जिसमे सभी ग्राम वासियों की सहमति रही।
शराब बंदी से घरो मुहल्लो व ग्राम मे अमन चैन के साथ साथ अगली पीढ़ी युवा वर्ग को नशे की बुराई से मुक्त हो सके और मृत्यु भोज बंद होने से गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारो को आर्थिक संकट से उबारना ही मुख्य लक्ष्य रहा।

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