मोहला के पेड़ की जड़ के पास दिखी नागिन माता की प्रतिमा

झिन्नापिपरिया के समीप घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है प्राचीन नागिन माता धाम
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के झिन्नापिपरिया के समीप दियागढ़ के घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित प्राचीन नागिन माता धाम इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है । यहां 22 अगस्त को पहाड़ी पर स्थित मोहला के पेड़ की जड़ के पास माता की प्रतिमा दिखाई देने की सूचना सामने आई । जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचने लगे । प्रतिमा दिखाई देने की खबर के बाद धाम परिसर में पूजा-अर्चना और श्रद्धा का माहौल नजर आने लगा ।
प्राचीन आस्था स्थल है नागिन माता धाम
नागिन माता धाम के मुख्य पुजारी गुरुदत्त पांडेय महाराज के अनुसार दियागढ़ स्थित नागिन माता का स्थान काफी प्राचीन है और लंबे समय से क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है । घने जंगल, पहाड़ी और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह धार्मिक स्थल अपनी अलग पहचान रखता है । यहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है ।
स्थानीय श्रद्धालुओं की मान्यता है कि माता के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है । इसी आस्था के चलते आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज से भी लोग यहां पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं । मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा दोबारा धाम पहुंचकर पूजा और प्रसाद अर्पित करने की परंपरा भी बताई जाती है ।
*तीन प्राकृतिक कुंड भी हैं आकर्षण*
नागिन माता धाम की खास विशेषताओं में यहां मौजूद तीन प्राकृतिक कुंड भी शामिल हैं । पुजारी गुरुदत्त पांडेय महाराज के अनुसार इन कुंडों में वर्षभर पानी रहने की बात श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का विषय है । गर्मी के मौसम में भी कुंडों में पानी बने रहने को स्थानीय लोग माता की कृपा से जोड़कर देखते हैं ।
प्राकृतिक रूप से बने इन कुंडों का पानी मीठा बताया जाता है । जंगल और पहाड़ी के बीच स्थित कुंड धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक आकर्षण भी पैदा करते हैं । धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु माता के दर्शन के साथ इन प्राकृतिक स्थलों को भी देखते हैं ।
*22 अगस्त को मिली प्रतिमा दिखाई देने की जानकारी*
मुख्य पुजारी ने बताया कि 22 अगस्त को नागिन माता के मुख्य स्थान के समीप पहाड़ी पर मोहला के पेड़ की जड़ के पास प्रतिमा दिखाई देने की जानकारी सामने आई । यह खबर आसपास के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं तक पहुंची तो लोगों में उत्सुकता बढ़ गई । इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की ।
श्रद्धालु प्रतिमा को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार माता का प्रकट स्वरूप मानकर दर्शन कर रहे हैं । हालांकि प्रतिमा के वहां दिखाई देने को लेकर अलग-अलग लोगों की अपनी मान्यताएं हैं, लेकिन इस घटना के बाद धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है ।
*पुजारी ने विधि-विधान से की पूजा-अर्चना*
प्रतिमा दिखाई देने की जानकारी मिलने के बाद मुख्य पुजारी गुरुदत्त पांडेय महाराज ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की । उन्होंने माता के समक्ष क्षेत्र की सुख-समृद्धि और श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की । इसके बाद श्रद्धालुओं ने भी माता के दर्शन कर पूजा- अर्चना और प्रार्थना की।
*मकर संक्रांति पर होता है श्रीराम कथा का आयोजन*
दियागढ़ स्थित नागिन माता धाम में प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर श्रीराम कथा का आयोजन भी किया जाता है । पुजारी के अनुसार इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में दिखाई देता है।
*जंगल के बीच आस्था और प्रकृति का संगम*
दियागढ़ का नागिन माता धाम धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है । घने जंगल, पहाड़ी और प्राकृतिक कुंड इस स्थान को विशेष बनाते हैं । अब मोहला के पेड़ की जड़ के पास प्रतिमा दिखाई देने की सूचना ने इस प्राचीन धाम के प्रति लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी है । श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपनी आस्था के अनुसार माता की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।



