सहकारिता कर्मचारियों ने मुंडन संस्कार कराकर सरकार के प्रति व्यक्त किया अपना आक्रोश
सहकारिता कर्मचारियों की कलम बंद हड़ताल का दसवां दिन
रिपोर्टर : ओमप्रकाश साहू
मझौली । मध्य प्रदेश में सहकारिता कर्मचारियों की कलम बंद हड़ताल निरंतर जारी है जबलपुर जिले की मझौली तहसील के अंतर्गत सहकारिता कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 6 मई से हड़ताल पर बैठे हुए हैं जिसका आज दसवां दिन है। कर्मचारियों ने अभी तक अपनी मांगे पूरी न होने पर आज दसवें दिन सामूहिक रूप से मुंडन संस्कार करा कर मध्य प्रदेश सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया ज्ञात हो कि सहकारिता कर्मचारी मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन करते हैं जिसमें गरीबों को वितरित होने वाला राशन वितरण कार एवं किसानों से संबंधित गेहूं उपार्जन कार सहकारिता कर्मचारियों के द्वारा किया जाता है वर्तमान समय में मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा किसान ऋण माफी योजना का कार्य कराया जा रहा है परंतु सहकार तक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यह सभी आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहे हैं एक और जहां गरीब हितग्राही जो राशन दुकान से मिलने वाले गेहूं चावल नमक एवं शक्कर से अपने परिवार का भरण पोषण करता है। परंतु कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उसे यह राशन नहीं मिल पा रहा है दूसरी ओर सरकार के द्वारा गेहूं उपार्जन एवं चना उपार्जन का कार्य भी किया जा रहा है ।
इस हड़ताल के कारण वह कार्वी वाद्य हो रहा है सहकारिता कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार नियमितीकरण एवं वेतनमान संबंधी उनकी विभिन्न मांगे पूरी नहीं करती यह हड़ताल निरंतर जारी रहेगी सेवा सहकारी समिति मझौली में जिले की 8 तहसीलों के सभी कर्मचारी इस हड़ताल में सामूहिक रूप से बैठे हुए हैं आज इस मुंडन संस्कार कार्यक्रम में अखिलेश भट्ट शाखा अध्यक्ष सुनील बाबू साहू सहायक प्रबंधक कटंगी शाखा नेक लाल पटेल विक्रेता मझौली के द्वारा मुंडन संस्कार करा कर अपनी मांगों को लेकर सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया आज के इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सहकारिता कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष कपिल मिश्रा उपस्थित रहे उनके द्वारा बनाया गया सरकार जब तक हमारी मांगें नहीं मान ली थी यह हड़ताल निरंतर जारी रहेगी और किसी भी प्रकार का कार्य चाहे वह राशन वितरण हो उपार्जन संबंधी हो या ऋण माफी संबंधी हो कर्मचारियों के द्वारा नहीं किया जाएगा आज की हड़ताल में प्रकाश कुशवाहा, मदन दाहिया, नेकलाल पटेल, उमेश उपाध्याय, सुरेंद्र कुमार दुबे, रानू मिश्रा, दिलीप ठाकुर, ओंकार सिंह के साथ सैकड़ों की संख्या में सहकारिता कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्होंने एक स्वर में सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की और उनकी मांगों को शीघ्र अति शीघ्र पूरा करने के लिए कहा गया अन्यथा आंदोलन और भी तीव्र होता जाएगा।



