गेहूं खरीदी में गड़बड़ी के आरोप, ज्यादा तौल और पल्लेदारी वसूली पर किसानों में नाराजगी

तहसीलदार ने दिए जांच के निर्देश, व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
पटेरा/दमोह। दमोह जिले की बहुउद्देशीय प्राथमिक कुम्हारी सेवा सहकारी समिति में गेहूं खरीदी को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों ने खरीदी केंद्र पर तौल प्रक्रिया में गड़बड़ी, अतिरिक्त अनाज लेने और पल्लेदारी के नाम पर वसूली किए जाने की शिकायत की है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
किसानों के अनुसार खरीदी केंद्र में 50 किलो की बोरी पर लगभग 700 से 800 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रकार की तौल प्रक्रिया से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पल्लेदारी के नाम पर किसानों से पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि कई किसान अपने स्वयं के पल्लेदार साथ लेकर आते हैं। किसानों का कहना है कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार तुलाई की राशि निर्धारित होती है और अतिरिक्त वसूली नहीं की जानी चाहिए।
खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक केंद्र पर किसानों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और मौके पर जिम्मेदार ऑपरेटर भी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहता। तहसीलदार के निरीक्षण के दौरान समिति प्रबंधक ने भी स्वीकार किया कि ऑपरेटर कई दिनों से अनुपस्थित है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहा है।
किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र पर पारदर्शिता की कमी है और शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
वहीं मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर समिति प्रबंधक आनंद जैन ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि खरीदी केंद्र पर सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है।
इसी बीच आनंद जैन का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपनी सफाई देते हुए कहा कि तौल प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पांच वर्ष पहले प्रति बोरी जो राशि मिलती थी, वर्तमान में भी वही राशि दी जा रही है और शासन की प्रक्रिया के अनुसार कार्य करना पड़ता है।
शिकायत मिलने पर मानसी अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी शिकायत सीधे प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि समय पर समाधान किया जा सके।



