एक वर्ष से बैंक का कर्ज रिकॉर्ड से नहीं हटा, किसान दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर

सहकारी समिति देवरी मंगेला पर लापरवाही के आरोप, किसान बोला — “कर्ज चुका दिया, फिर भी डिफॉल्टर दिखा रहे
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा तहसील अंतर्गत सहकारी समिति देवरी मंगेला की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है । ग्राम मंगेली निवासी किसान ओमप्रकाश पटेल पिता गोलीराम पटेल पिछले एक वर्ष से बैंक और समिति के चक्कर काटने को मजबूर हैं । किसान का आरोप है कि उन्होंने खाद्य क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिया गया 41 हजार 220 रुपये का पूरा कर्ज एक वर्ष पूर्व ही जमा कर दिया था, लेकिन आज तक समिति के रिकॉर्ड में उनका ऋण बकाया दिखाया जा रहा है।
किसान ओमप्रकाश पटेल ने बताया कि कर्ज की पूरी राशि जमा करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनका खाता अपडेट कर दिया जाएगा, लेकिन समिति की लापरवाही के कारण आज भी उन्हें डिफॉल्टर बताया जा रहा है । इस वजह से उन्हें नई कृषि योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। किसान ने कई बार समिति कार्यालय और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया ।
*ऑपरेटर पर गंभीर आरोप, किसानों में आक्रोश*
पीड़ित किसान ने सहकारी समिति देवरी मंगेला में पदस्थ ऑपरेटर अतुल गर्ग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि ऑपरेटर की लापरवाही और उदासीनता के कारण उनका रिकॉर्ड आज तक सही नहीं किया गया । उन्होंने आरोप लगाया कि समिति में किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता और अधिकारी भी मामले को दबाने में लगे रहते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है । इससे पहले भी इटवा ग्राम के किसानों ने आरोप लगाया था कि खाद वितरण के दौरान उनसे अधिक कीमत वसूली गई थी । उस समय भी मामले ने काफी तूल पकड़ा था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल जांच का आश्वासन दिया गया। अब एक बार फिर समिति की कार्यशैली को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
*अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल*
क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि सहकारी समिति प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के कारण लापरवाह कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। किसानों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और पीड़ित किसान का रिकॉर्ड तत्काल दुरुस्त किया जाए।
*किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी*
ग्रामीणों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे । किसानों का कहना है कि एक ओर सरकार किसानों के हित में योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर लापरवाही के कारण किसान परेशान हो रहे हैं।
ब्रजभूषण तिवारी, समिति प्रबंधक देवरी मंगेला का कहना है कि किसान का पैसा बैंक खाता में आ गया है एक दो दिन के अंदर सुधार हो जाएगा।



