शिवाजी नगर की महाआरती में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

सजी हुई पूजा थालियों के साथ माता के दरबार पहुंचे श्रद्धालु, भक्ति संगीत और शंख ध्वनि से गूंजा पंडाल
मर्यादित ध्वनि में भक्ति संगीत बना चर्चा का विषय
सिलवानी। शारदीय नवरात्रि के सप्तमी पर्व पर सिलवानी नगर के शिवाजी नगर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। यहां स्थापित मां दुर्गा की झांकी पर भव्य संगीतमय महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर मां दुर्गा की आराधना की। महाआरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और माता के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ नगर के श्री जानकी रमण साकेतधाम काठिया मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ ज्योति को शिवाजी नगर स्थित झांकी स्थल तक लाया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ ज्योति का स्वागत किया।
घर-घर से सजी पूजा थालियां लेकर पहुंचे श्रद्धालु
महाआरती को लेकर शिवाजी नगर में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिला और पुरुष श्रद्धालु अपने-अपने घरों से दीपों और पूजन सामग्री से सजी सुंदर थालियां लेकर माता के दरबार पहुंचे। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। घरों से सजाकर लाई गई पूजा थालियों के दीपों से पूरा पंडाल रोशनी से जगमगा उठा।
भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों और शंख ध्वनि के बीच हुई महाआरती
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से मां दुर्गा की आरती उतारी। ढोल-नगाड़ों, शंख ध्वनि और आतिशबाजी के बीच आयोजित महाआरती का दृश्य मनमोहक रहा। माता के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।
तेज आवाज वाले डीजे से परहेज, मर्यादित ध्वनि में भक्ति संगीत
इस वर्ष शिवाजी नगर में आयोजन के दौरान ध्वनि स्तर को लेकर भी बदलाव देखने को मिला। आयोजन समिति द्वारा तेज आवाज वाले डीजे के स्थान पर छोटे साउंड बॉक्स का उपयोग किया गया, जिससे मर्यादित आवाज में भक्ति संगीत का आनंद लिया गया। एक ओर जहां धार्मिक आयोजनों में भक्ति, पूजन में कम खर्च कर लाखों रुपए के डीजे का प्रचलन लगातार बढ़ रहा है। जिससे बीमार, बच्चे, और बुजुर्ग इस तीव्र ध्वनि से अपने आप को असहज महसूस कर रहे। शिवाजी ग्रुप पर द्वारा धार्मिक आयोजन में श्रद्धा और उत्साह के साथ ध्वनि संबंधी नियमों का ध्यान रखने की यह पहल भी चर्चा का विषय बनी हुई है।



