क्राइम

प्राचीन खड़रा मंदिर में पुजारी के साथ मारपीट का आरोप, मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे तोड़ने की शिकायत

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खड़रा स्थित प्राचीन मंदिर में पुजारी के साथ कथित मारपीट और मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। मंदिर में नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर में हुई इस घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मामले में मंदिर में पूजा-अर्चना करने वाले पुजारी सनत कुमार बिलोहा ने स्लीमनाबाद थाने में लिखित आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की है।
*20 वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे हैं पुजारी*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम कुआं निवासी 35 वर्षीय सनत कुमार बिलोहा, पिता अयोध्या प्रसाद बिलोहा, ग्राम खड़रा स्थित प्राचीन मंदिर में पिछले करीब 20 वर्षों से पुजारी के रूप में सेवा कर रहे हैं। यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। विशेष रूप से शारदेय नवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की आवाजाही बढ़ जाती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
*तीन महिलाओं सहित अन्य लोगों पर लगाए आरोप*
पीड़ित द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी स्लीमनाबाद को दिए गए आवेदन के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12:35 बजे तीन महिलाएं और कुछ अन्य युवक मंदिर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया। पीड़ित ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप लगाया है।
आवेदन में पीड़ित ने बताया कि घटना के बाद वह मंदिर से बाहर चले गए, जबकि तीनों महिलाएं मंदिर परिसर में ही बैठी रहीं। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
*नवरात्रि में श्रद्धालुओं की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरूरत*
प्राचीन खड़रा मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है। मंदिर में आने वाले भक्तों की सुविधा और धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वहीं, मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
*पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति*
फिलहाल पीड़ित के आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। अब मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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