रूपनाथ धाम से तिगवां तक निकली भव्य चुनरी यात्रा, मां शारदा को अर्पित की 1121 मीटर लंबी चुनरी

हजारों शिवभक्तों ने पदयात्रा में लिया हिस्सा, जय शिव शक्ति और हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा मार्ग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। शारदेय नवरात्र के पावन पर्व पर दुर्गा सप्तमी के अवसर पर शिवशक्ति के प्रति आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। रूपनाथ धाम से मां शारदा मंदिर तिगवां तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। इस दौरान हजारों शिवभक्तों ने पदयात्रा करते हुए 1121 मीटर लंबी विशाल चुनरी मां शारदा के चरणों में अर्पित की। यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
यात्रा के दौरान पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। ‘जय शिव शक्ति’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। यात्रा में पुरुषों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अनेक श्रद्धालु चुनरी को अपने सिर पर धारण कर पदयात्रा में शामिल हुए, वहीं भक्तिमय गीतों और जयकारों के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ मां शारदा के दरबार की ओर बढ़ते रहे।
*मां शारदा को अर्पित की विशाल चुनरी*
रूपनाथ धाम से प्रारंभ हुई चुनरी यात्रा का समापन तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर में हुआ। यहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर 1121 मीटर लंबी विशाल चुनरी मां शारदा को समर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में शीश नवाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। साथ ही मां से सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में आरती और प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ।
*पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद*
विशाल चुनरी यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहोरीबंद थाना प्रभारी सुदेश सुमन मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई, जिससे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद यात्रा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
यह विशाल चुनरी यात्रा शिवशक्ति के प्रति अटूट आस्था, धार्मिक एकता और सामूहिक श्रद्धा का प्रतीक बनी। मां शारदा के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने भक्ति और समर्पण के साथ इस धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।



