कृषि

विपरण विक्रेता की मनमानी से खाद वितरण में हेरफेर, किसानों में भड़का आक्रोश

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। उमरियापान क्षेत्र के किसान इन दिनों खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं । हालात इतने खराब हो चुके हैं कि गरीब किसान अपनी मेहनत की फसल बचाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा लेकिन खाद तक नहीं मिल पाती । किसानों का कहना है कि इस पूरी समस्या की जड़ विपरण विक्रेता बल्लू बर्मन की मनमानी और भ्रष्टाचार है, जिसने खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह चरमराकर रख दिया है।
ग्रामीण किसानों ने बताया कि जब वे खाद मांगने पहुंचते हैं तो विक्रेता बहाना बनाता है कि “खाद ऊपर से आई ही नहीं है।” लेकिन सच्चाई यह है कि गाड़ियों से आने वाले बड़े किसान और व्यापारी, जो अतिरिक्त पैसा देकर खाद आसानी से मिल जाती है। जबकि बड़े किसानों की गाड़ियाँ में खाद की बोरी से भर दी जाती हैं।
गांवों में यह चर्चा आम हो चुकी है कि खाद खुलेआम ब्लैक में बेची जा रही है । व्यापारी वर्ग और बड़े किसान इस भ्रष्टाचार का लाभ उठा रहे हैं, जबकि छोटे किसान बर्बादी की ओर धकेले जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है बल्कि पूरी कृषि व्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि यदि समय पर खाद छोटे किसानों तक नही पहुंचतीं तो फसल उत्पादन घटेगा। इसका सीधा असर छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ेगा और कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा। कई किसान तो पहले ही कर्ज के दबाव में टूट चुके हैं, ऐसे में यह स्थिति उनके लिए आत्मघाती साबित हो सकती है।
किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि खाद वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए और इसका लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुँचे ।
किसानों का कहना है कि कहीं न कहीं इस भ्रष्टाचार को संरक्षण अधिकारियों का मिल रहा है, तभी खुलेआम बोरी-दर-बोरी खाद ब्लैक में बेची जा रही है और गरीब किसान परेशान होते नजर जा रहे हैं ।
किसानों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस तरह की भ्रष्टाचारी व्यवस्था पर जल्द से जल्द लगाम लगाई जाए ।

Related Articles

Back to top button