फतेहपुर में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने में जांच दल रहा कर देरी

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
फतेहपुर। दमोह जिले के हटा के ग्राम पंचायत फतेहपुर में जनहितैषी योजनाओं में व्यापक पैमाने पर अनियमकताएं बरती गई। ग्राम विकास के लिए आई सरकारी राशि की बंदरबाट हुई है गलत मूल्यांकन के दम पर लाखो रुपए आहरित हुए जिसमें पंचायत के सचिव सरपंच और जनपद पंचायत बटियागढ़ के कुछ अधिकारी शामिल है। कागजों पर निर्माण कार्य कर लाखों रुपए आहरित कर लिए गए और मौका स्थल पर कोई काम नहीं हुआ यह आरोप पंचायत के ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की शिकायत ग्रामीण दमोह पहुंचकर कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से कर चुके हैं जिसके लिए जिला स्तर पर जांच टीम का गठन 3 सितंबर को किया जा चुका है जांच टीम गठन के 19 दिन बीत जाने के बाद भी टीम जांच करने नहीं पहुंची है। जानकारी अनुसार 25 अगस्त को फतेहपुर पंचायत के 15 पंच सहित कुछ ग्रामीणों द्वारा एक दर्जन निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही की लिखित शिकायत की गई थी जिसके बाद जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फूलपगारे द्वारा 3 सितंबर को जांच टीम का गठन कर दिया गया। सदस्य जांच जांच दल का प्रभारी प्रशांत सिंह ठाकुर को बनाया गया ग्रामीणों का आरोप है कि वह लगातार जाँच टीम और जिला पंचायत सीईओ से बात कर जांच टीम आने का इंतजार कर रहे हैं जाँच टीम द्वारा लगातार एक-दो दिन में आने का झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। लेकिन टीम आ नहीं रही है जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप की अधिकारी जानबूझकर पंचायत कर्मियों को समय दे रहे है ताकि वह अपनी गलती छिपा सके और जांच प्रभावित हो सके।



