धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं भगवान, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव देखने उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। जिले के ग्राम कुआं में ओम शांति दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं। गुरुवार को कथा व्यास बाल ब्रह्मचारी संत शिरोमणि ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने भक्त प्रहलाद की कथा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का मनोहारी प्रसंग सुनाया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनते ही कथा पंडाल जयकारों से गूंज उठा और जन्मोत्सव के दर्शन करने श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
*जब-जब धर्म की हानि होती है, तब-तब अवतरित होते हैं भगवान*
कथा व्यास ब्रह्मानंद दास जी महाराज ने भक्त प्रहलाद की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में अपार शक्ति होती है। भक्त प्रहलाद ने विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति अपनी आस्था और विश्वास को नहीं छोड़ा। उनकी अटूट भक्ति ने यह संदेश दिया कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और अहंकार एवं अधर्म का अंत निश्चित है।
महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण का महत्व बताते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब भगवान धर्म की स्थापना तथा सज्जनों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म, प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
*श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर गूंजे जयकारे*
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए महाराज श्री ने उनकी मनमोहक लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। जैसे ही भगवान के जन्म का प्रसंग आया, कथा पंडाल में उत्सव का माहौल बन गया। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाने लगे। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन कीर्तन के साथ अपनी खुशियां व्यक्त कीं। भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
*भागवत कथा से मिल रही धर्म और संस्कारों की प्रेरणा*
ग्राम कुआं में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, भक्ति, सदाचार और जीवन मूल्यों का संदेश दिया जा रहा है। कथा के प्रसंगों के माध्यम से लोगों को परिवार में संस्कारों का महत्व समझने, बड़ों का सम्मान करने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिल रही है।
ओम शांति दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक आयोजन से पूरे ग्राम में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भगवान की महिमा का श्रवण कर रहे हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ने आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा दिया।



