नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
नोहटा को बनाया जाएगा नगर परिषद दमोह में 2 करोड़ रूपए से बनेगा गीता भवन
दमोह जिले में 600 करोड़ रूपए से विकसित की जाएगी नई सिंचाई परियोजना 33 गांवों को मिलेगा लाभ
दमोह में 10 करोड़ से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब एवं अन्य पर्यटन गतिविधियों का होगा विकास
तेंदूखेड़ा और हटा में बनाए जाएंगे नए स्टेडियम
ब्यूरो चीफ : भगवतसिंह लोधी
जबेरा । दमोह जिले के जबेरा बिधान सभा में पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है कि जो एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। कृपावंत, कृपाशंकर भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से हम प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नोहलेश्वर महोत्सव आस्था ही नहीं, स्थानीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। हमारी सरकार आस्था के स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दमोह जिले के जबेरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का दीप प्रज्जवलन का शुभारंभ किया।
किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रूपए की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। दमोह जिले में बांदकपुर- सेमरखो जलाशय की क्षमता में वृद्धि कर 600 करोड़ रूपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी। इससे जिले के 33 गांवों को भरपूर पानी मिलेगा। दमोह में 10 करोड़ रूपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का अभिनंदन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दमोह के साथ-साथ पूरे बुंदेलखंड के विकास के लिए तत्पर है। यहां के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ की नई योजना को स्वीकृति दी गई है। दमोह के लिए नया फोर लेन भी मंजूर किया गया है। दमोह में पर्यटन के साथ-साथ उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सभी क्षेत्रों में समान रूप से प्रयास कर रही है। दमोह जिले में जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए जैविक हाट लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 69 जैविक हाटों में 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है। जिला प्रशासन ने किसानों को खाद वितरण के लिए ई-टोकन की व्यवस्था की, यह अत्यंत सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आप हमारे अन्नदाता हैं। आपकी खुशहाली और समृद्धि से ही देश खुशहाल बनेगा। हम खेती के साथ-साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन दे रहे हैं। कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण बढ़ाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पशुपालन से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमने प्रदेश का दूध उत्पादन बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। हमारी सरकार पशुपालन, गौपालन और गौ-संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसी भी देश के साथ रिश्तों में किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं किया। खेतों में किसान और सीमा पर जवान, दोनों हमारे लिए बराबर सम्मान रखते हैं। राज्य सरकार किसानों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही है। विकास कार्यों को गति देने में हमारी सरकार सदैव जनता के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का स्थान सर्वोपरि है। हम अपने देश को भी माता का दर्जा देते हुए भारत माता कहकर सम्मान देते हैं। माताएं-बहनें हमारे परिवार की शोभा हैं। हमारी सरकार हमेशा लाड़ली बहनों के साथ खड़ी है। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वे अपनी मेहनत और निष्ठा से पूरे कुल, खानदान, परिवार का लालन-पालन करती हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विकास के साथ जरूरतमंद युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो फसल सोने जैसी हो जाती है। दमोह जिले को केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी और गीता जयंती को भव्यता के साथ मनाने की शुरुआत की। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जो विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण कर रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर 1100 साल से अधिक पुराना है, जिसे कलचुरी साम्राज्य में महारानी नोहला ने इसे बनवाया था। नोहलेश्वर महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों के पुनर्स्थापन से नया चमत्कार हुआ है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में विदेश से 20 चीता लाए गए थे, अब 35 चीते प्रदेश की धरती पर दौड़ लगा रहे हैं, चीतों का परिवार बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले मादा चीता आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। इसी साल जून में नौरादेही अभ्यारण्य में चीतों को छोड़ा जाएगा। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, गिद्ध और घड़ियाल के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वन्यजीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने होम स्टे की योजना बनाई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और वे पर्यटकों को अपने घरों में होम स्टे बनाकर ठहरा सकेंगे। होम स्टे तैयार करने वाले हितग्राहियों को शासकीय अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने होम स्टे संचालनकर्ताओं से कहा कि जब पर्यटक आएं, तो उनकी अच्छी तरह मेहमान नवाज़ी करें। होम स्टे से ग्रामीणों की आय तेजी से बढ़ रही है।
संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति करते हुए आज 26 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित किया है। मध्यप्रदेश में किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव मैन ऑफ आइडियाज हैं। उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारा है। राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने मुख्यमंत्री से नोहटा को नगर परिषद बनाने की मांग करते हुए कहा कि दमोह के तेंदुखेड़ा और हटा में नए स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण से क्षेत्रीय युवाओं को नई खेल ऊर्जा मिलेगी।
दमोह के लोकसभा सांसद राहुल सिंह लोधी ने कहा कि दमोह में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो रहा है। बुंदेलखंड में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी, जो अब दूर होती जा रही है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक से दमोह जिले के 300 से अधिक गांवों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी, हर वर्ग को सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ की लागत से जागेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य की घोषणा की थी, जिसका काम अब भी जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नौरादेही अभ्यारण्य में चीते छोड़े हैं, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिली है।



