मध्य प्रदेश

78 साल बाद भी बदहाल सिलौंडी बस स्टैंड: प्रसाधन और प्रतीक्षा कक्ष के लिए भटक रहे 84 गांवों के यात्री

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । आज़ादी के 78 वर्ष बीत जाने के बाद भी सिलौंडी बस स्टैंड मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाल स्थिति में है। क्षेत्र के लगभग 84 गांवों के लोगों का मुख्य आवागमन केंद्र होने के बावजूद यहाँ यात्रियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हैं।
बस स्टैंड पर रोज़ाना लगभग 30 से 40 बसों का आवागमन होता है, लेकिन बसों के खड़े होने के लिए समुचित स्थान तक नहीं है। सबसे गंभीर समस्या प्रसाधन (शौचालय) और प्रतीक्षा कक्ष की अनुपलब्धता है। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
ग्रामीणों का कहना है कि जिला कलेक्टर से लेकर भोपाल स्तर तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लाड़ली बहनों और छात्राओं को प्रसाधन न होने के कारण असुविधा झेलनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि वोट बैंक की राजनीति के चलते सिलौंडी विकास की दौड़ में पीछे छूटता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बस स्टैंड पर प्रसाधन, प्रतीक्षा कक्ष और पार्किंग व्यवस्था की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

Related Articles

Back to top button