उमरियापान थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल, नवरात्रि-दशहरा की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। कटनी जिले के उमरियापान थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं । स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच थाना प्रभारी की कार्यशैली, मुख्यालय में उनकी उपलब्धता, जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय और शारदेय नवरात्रि एवं दशहरा पर्व के दौरान सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी सामने आ रही है । लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय होना भी आवश्यक है ।
*कटनी से अपडाउन करने के आरोप, मुख्यालय में उपलब्धता पर सवाल*
स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल उमरियापान में रहने के बजाय कटनी से आवागमन करते हैं । इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं कि थाना प्रभारी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में पर्याप्त समय दे रहे हैं या नहीं । स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी की मुख्यालय में नियमित उपलब्धता आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति, विवाद या शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जा सके ।
*शांति समिति की बैठकों में जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय*
उमरियापान में शांति समिति की बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी हुई है । स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में त्योहारों के दौरान आयोजित शांति समिति की बैठकों में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया जाता था, जिससे सुरक्षा, यातायात और धार्मिक आयोजनों की व्यवस्थाओं पर चर्चा होती थी ।
आरोप है कि वर्तमान थाना प्रभारी के कार्यकाल में जनप्रतिनिधियों को बैठकों की सूचना नहीं मिलने के कारण उनकी भागीदारी प्रभावित हुई है । स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बेहतर व्यवस्थाओं के लिए पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है ।
*नवरात्रि और दशहरा पर्व की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल*
शारदेय नवरात्रि और दशहरा के दौरान उमरियापान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न दुर्गा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचे । जवारा विसर्जन के दौरान भी उमरियापान सहित आसपास के गांवों से लोगों की भीड़ जुटी । ऐसे आयोजनों में यातायात नियंत्रण, प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है ।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पर्व के दौरान कुछ स्थानों पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं में अपेक्षित सक्रियता दिखाई नहीं दी ।
*पुलिस और जनता के बीच समन्वय मजबूत करने की जरूरत*
स्थानीय लोगों का मानना है कि थाना प्रभारी की जिम्मेदारी केवल अपराधों पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता की शिकायतें सुनना, जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाए रखना और क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है । यदि पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय कमजोर होता है, तो इसका असर जनसमस्याओं के समाधान पर पड़ सकता है ।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक कटनी सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि थाना प्रभारी की मुख्यालय में उपलब्धता, शांति समिति की बैठकों में जनप्रतिनिधियों को सूचना देने की समीक्षा की जानी चाहिए ।



