विजयदशमी पर विहिप-बजरंग दल ने किया शस्त्र पूजन, धर्म और राष्ट्र रक्षा का लिया संकल्प

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। विजयदशमी के पावन पर्व पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल जिला सिहोरा द्वारा बाबताल शिव मंदिर में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हर्षोल्लास, उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ संपन्न किया गया । कार्यक्रम में संगठन के समस्त कार्यकर्ता बंधुओं सहित सामाजिक जनों ने सहभागिता की । इस अवसर पर विधि-विधान से शस्त्र पूजन कर धर्म, संस्कृति, समाज और राष्ट्र की रक्षा के प्रति समर्पण का संकल्प लिया गया ।
विजयदशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति के महत्व को रेखांकित किया गया । शस्त्र पूजन को साहस, शक्ति, आत्मरक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने के प्रतीक के रूप में मनाया गया । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने माता शक्ति का स्मरण करते हुए समाज में एकता, सद्भाव, संस्कार और संगठन की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया ।
*विभिन्न दुर्गा पंडालों में भी हुआ शस्त्र पूजन*
विजयदशमी के पावन अवसर पर सिहोरा नगर के विभिन्न दुर्गा पंडालों में भी शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए । श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं ने माता दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि और समाज की उन्नति की कामना की ।
*समाज में शक्ति, संस्कार और जागरूकता का हो संचार*
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने माता से प्रार्थना की कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों में बल, बुद्धि और विद्या का संचार हो । युवा पीढ़ी में साहस, अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित हो, ताकि वे समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें ।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज को संगठित और जागरूक बनाना समय की आवश्यकता है । प्रत्येक व्यक्ति को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सजग रहना चाहिए ।
इस अवसर पर मठ-मंदिरों, बहन-बेटियों, गौ माता और राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया गया । साथ ही भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया ।
विजयदशमी पर संपन्न शस्त्र पूजन कार्यक्रम ने धर्म, संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया । उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन के उद्देश्यों के अनुरूप समाज सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया ।



