कर्ज व प्राकृतिक आपदाओ से जूझ रहे गरीब लघु किसानो को सम्मान निधि ही सहारा

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर। लघु सीमांत गरीब किसानो को देश के सहिष्णु प्रधानमंत्री नरेंद मोदी व प्रदेश के किसान हितैषी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जिस प्रकार से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि प्रदान कर संबल व सहयोग प्रदान किया है वास्तव में यह सम्माननिधि उन्हे किसी वरदान से कम नही है तमाम संकटो व प्राकृतिक आपदाओ से जूझने वाले ऐसे गरीब व सुविधा विहीन किसानो को सम्मान निधि उन्हे तब काम आती है जब उनके हाथ मे तब कुछ नही रहता सिबाय कर्ज लेने के इन विपरीत परिस्थितियों मे और मौसमो मे किसानी के वक्त सम्मान निधि ही खाद बीज व उर्वरक बनकर सामने आती है कई देखा गया है की छोटे किसानो को कमवर्षा, अतिवर्षा, शीतलहर, कीटव्याधी पाला ओलावृष्टि आदि के कारण फसलो को असमय ही खोना पडता है ऐसे मे उनका भगवान ही मालिक होता है इसमे सहारा व मददगार व संबल बनती किसान सम्मान निधि, किसानो का कहना है कि उनके प्रति दया भाव व सहिष्णुता रखने वाले प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को इसमे राजनिति दिखावा प्रर्दशन करने के बजाय इसको संवेदनशीलता के रुप मे देखना चाहिये। किसानो की आमतौर पर जरुरत बन चुकी सम्मान निधि उन्हें एक निर्धारित समय पर ही मिलना चाहिए तभी वह उनके सटीक समय ही काम आ सकती है वरना समय गुजर जाने के बाद मिली किसान सम्मान निधि का फिर क्या औचित्य ? किसानो ने कहा है कि अभी दिसंबर माह समाप्त हो रहा है और अभी तक मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि उनके खाते में जमा नही की गई। प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इस ओर अवश्य ही ध्यान देना चाहिए।



