सरपंच सचिव अपने चहेतों के नाम लगा रहे फर्जी बिल

ग्रामीणों ने सीईओ को सौपा गया शिक़ायत पत्र
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | वित्तीय मामलों में पारदर्शिता के लिए शासन स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों की मिलीभगत के सामने सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहें हैं। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत मुरवारी का प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव के विरुद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। ग्राम पंचायत मुरवारी के अनंतराम काछी पिता लल्लूराम काछी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 6 बिन्दुओं पर लिखित शिकायत पत्र सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत पत्र में उल्लेख है कि सरपंच सचिव के द्वारा धड़ल्ले से भृष्टाचार किया जा रहा है जिसमें ग्राम के विकास कार्यों के लिए जो शासन से ग्राम पंचायत को राशि प्रदान की जाती है उसमें से मात्र 50 प्रतिशत राशि का उपयोग ग्रामहित के कार्यों में उपयोग किया जाता है बांकी की शेष राशि से सरपंच सचिव के द्वारा बंदरबांट कर ली जाती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि सरपंच सचिव द्वारा ऐसे लोगों के नाम पर बिल लगाते हैं जिनकी कोई दुकान ही नहीं है जैसे विक्रता ताराचंद साहू एवं इनकी पत्नी न ही कोई व्यापारी है और न ही उसकी कोई समिति है वह सिर्फ एक किसान एवं पंचायत में मेट का कार्य करने वाला मजदूर है इसी तरह सोनम बाई काछी कौन सी ब्यापारी है या फिर इनसे ग्राम विकास कार्य का कौन सी सामग्री ली गई है। विक्रता स्वयं ही सरपंच का पुत्र है जिसकी दुकान है जिनको 6 नडेप ( कूड़ादान ) कार्य की सामग्री का भुगतान किया गया है किन्तु ग्राम में सिर्फ 4 कूड़ादान का निर्माण कार्य किया है 2 कूड़ादान का पैसा बिना निर्माण कार्य किए राशि आहरित कर ली । अनंत राम काछी ने बताया कि विकास कार्यों के लिए शासन द्वारा जो आर्थिक सहायता दी जाती है, उसमें से लगभग आधी राशि ही जनहित में खर्च होती है, जबकि शेष धनराशि का गबन कर उसे निजी उपयोग में लाया जा रहा है। ग्राम के विकास कार्यों में सरपंच अपने पुत्र एवं पत्नी को मजदूरी कार्य में शामिल नहीं कर सकता न ही अपने जाब कार्ड में पुत्र पत्नी की हाजरी लगा सकते हैं इसका उल्लघंन करते हुए सरपंच अपनी मनमानी व भृष्टाचार करते हुए अपने दो पुत्र प्रशांत लोधी एवं नीरज लोधी का जाब कार्ड क्रमांक 351 / ए में फर्जी हाजरी चढ़ाते हुए मजदूरी राशि आहरित की जाती है। जबकि सरपंच के दोनों पुत्र ग्राम रोजगार कार्य में जाते ही नहीं। शिकायतकर्ता अनन्त राम काछी ने जनपद सीईओ यजुर्वेद कोरी मांग की है कि सरपंच सचिव के द्वारा किया जा रहा भृष्टाचार के कार्य एवं फर्जी बिलों की जांच कर सरपंच सचिव के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।



