केवलारी में सात दिन से ठप पेयजल व्यवस्था, बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत देवरी के अंतर्गत आने वाले केवलारी गांव में पिछले सात दिनों से ट्रांसफार्मर बंद पड़ा है। इसका सीधा असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से पानी की उपलब्धता प्रभावित हो गई है और ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूसरे किसानों के खेतों में लगे पंपों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। सप्ताहभर से जारी इस समस्या के चलते ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
*शिकायत के बाद भी नहीं मिला समाधान*
ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद से ही पेयजल संकट बना हुआ है। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार सरपंच को अवगत कराया और ट्रांसफार्मर बदलवाने की मांग की, ताकि गांव में पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू हो सके। इसके बावजूद अब तक ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में सरपंच से चर्चा की, तो उन्हें बताया गया कि पेयजल पंप का लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा है। ऐसे में बिजली बिल के बकाया होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
*बिल का विवाद अपनी जगह, पानी की व्यवस्था कौन करेगा?*
पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए ग्रामीणों को दूसरे किसानों के खेतों तक जाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों के सामने सवाल है कि जब तक बिजली बिल के बकाया संबंधी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक गांव में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
*अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग*
ग्रामीणों ने संबंधित बिजली विभाग और पंचायत प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी मांग है कि ट्रांसफार्मर बदलकर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। यदि इसमें समय लगता है, तो कम से कम टैंकर अथवा अन्य माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और पंचायत प्रशासन केवलारी गांव के इस पेयजल संकट को दूर करने के लिए कब तक ठोस कदम उठाते हैं।



