
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 14 दिसम्बर 2025
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 *रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें। *इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
*रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें । *रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
🌧️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – रविवार पौष माह के कृष्ण पक्ष दशमी तिथि 06:50 PM तक उपरांत एकादशी
🖍️ तिथि स्वामी – दशमी के देवता हैं यमराज। इस तिथि में यम की पूजा करने से नरक और मृत्यु का भय नहीं रहता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 08:18 AM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र के स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं, लेकिन इसके अधिष्ठाता देवता सवितृ (सूर्य देव का एक रूप) हैं
⚜️ योग – सौभाग्य योग 11:45 AM तक, उसके बाद शोभन योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 06:49 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बव – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 4:51 बजे से 6:17 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:42:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:09:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:16 ए एम से 06:11 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:44 ए एम से 07:06 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:55 ए एम से 12:37 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:59 पी एम से 02:41 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:23 पी एम से 05:51 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:48 पी एम
💧 अमृत काल : 03:59 ए एम, दिसम्बर 15 से 05:46 ए एम, दिसम्बर 15
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:49 पी एम से 12:44 ए एम, दिसम्बर 15
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 07:06 ए एम से 08:18 ए एम
🌊 अमृत सिद्धि योग : 07:06 ए एम से 08:18 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारम्भ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में पिताम्बर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ अमृत सिद्धि योग/ दत्तात्रेय जयन्ती/ पार्श्वनाथ जयन्ती/ राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, बंदर दिवस (Monkey Day), सार्वजनिक कार्यकर्ता जगत नारायण मुल्ला जयन्ती, उपेंद्रनाथ अश्क जन्म दिवस, बीकेएस अयंगर जन्म दिवस, भारतीय अभिनेता रणबीर राज कपूर जन्म दिवस, भारतीय नेता इंदिरा गाँधी के छोटे संजय गांधी जयन्ती, भारतीय योग गुरु बी. के. एस. आयंगर जयन्ती, परमवीर चक्र सम्मानित फ़्लाइंग ऑफ़िसर निर्मलजीत सिंह सेखों शहीद दिवस, हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह), राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर) ✍🏼 *तिथि विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
कब्रिस्तान या पुरानी जगहों पर बने घर क्यों डालते हैं प्रभाव आब जगह की कमी के कारण कई घर ऐसे स्थानों पर बनाए जाते हैं जहां पहले कब्रिस्तान, श्मशान या वीरान जमीनें रही हों। ऐसी जगहों पर नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा होती है। सालों तक बंद रहने वाली जगहों पर अदृश्य साया या बुरी शक्तियों घर कर जाती हैं। जब नया परिवार ऐसे घर में रहने लगता है तो धीरे-धीरे उनके जीवन में तनाव, बीमारी या बिना वजह डर बढ़ सकता है। इसीलिए घर खरीदने या किराये पर लेने से पहले उसका इतिहास जानना जरूरी है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अदरक और दस काली मिर्च लेकर उनको बारीक कूट लें। अब दोनों को मिला लें और इसमें एक ताजा नींबू का रस निचोड़ कर डाल दें। अब इस मिश्रण में आपको एक चम्मच शहद मिलाना है। इस मिश्रण को खाने से आपका बिगड़ा हुआ पाचन तंत्र एकदम दुरुस्त हो जायेगा।
*भूख बढ़ाने का उपाय छाछ पेट के लिए बहुत लाभदायक होती है। भोजन पचने की समस्या, पाचनतंत्र की खराबी, गैस आदि की समस्याओं में भी छाछ पीना लाभदायक होता है। छाछ में काला नमक मिलाकर पीने से पेट की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और भूख लगने की क्षमता बढ़ जाती है। *भूख बढ़ाने का उपाय फिटनेस के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है एक्सरसाइज। हो सके तो कोई जिम ज्वाइन कर लें। इससे आपकी बॉडी की कैलोरीज बर्न होंगी और आपकी भूख बढ़ जाएगी। अगर आप बहुत ज्यादा पतले हैं तो एक्सरसाइज ना करें क्यूंकि इससे आपका वजन घटने लगेगा।
*भूख बढ़ाने का उपाय पानी हमारे खाने को पाचाने में बहुत हेल्प करता है। दिन में 6 से 8 गिलास पानी पीना बहुत जरूरी है। अगर ज़्यादा पी सकते हैं तो 10-12 गिलास पियें। इससे खाना जल्दी पचेगा और भूख भी बढ़ जायेगी। 🌿 *आरोग्य संजीवनी* ☘️
इसे दूर करने के कुछ घरेलू उपाय निम्नलिखित हैं। नीम के पत्तोंमें एंटी-बैक्टिरीयल तत्व होते हैं जो पेट के कीड़ों को नष्ट कर देते हैं। नीम के पत्तों को पीसकर उसमें शहद मिलाकर पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। इसका सेवन सुबह खाली पेट करना चाहिए।
*अनार के छिलकों को सुखाकर इसका चूर्ण बना लीजिए। यह चूर्ण दिन में तीन बार एक-एक चम्मच लीजिए। बच्चों और बड़ों दोनों के लिये ही यह उपाय फायदेमन्द है। *अजवायन का चूर्ण और गुड़ की गोली बनाकर दिन में तीन बार सेवन करें। अजवायन में एंटी बैक्टिरीयल तत्व पाए जाते हैं जो कीड़ों को समाप्त कर देते हैं। *इसके अलावा चुटकी भर काला नमक और आधा ग्राम अजवायन चूर्ण मिलाकर रात को सोते समय गर्म पानी से लें। यह उपयोग बच्चों में काफी कारगर है यदि बड़ों को यह समस्या है तो काला नमक और अजवायन दोनों को बराबर मात्रा में लीजिए। इससे आपको आराम मिलेगी। *कच्चे पपीते को एक चम्मच दूध में एक चम्मच शहद और चार चम्मच उबला पानी मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
कच्चे आम की गुठली का चूर्ण दही या पानी के साथ सुबह-शाम सेवन करें। इसके नियमित सेवन से कुछ ही दिन में पेट के कीड़े बाहर निकल जाते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
किसी भी घर में बच्चे के जन्म के साथ ही ढेर सारी खुशियां आती हैं। परिवार के लोग आने वाले नन्हे मेहमान के लिए महीनों पहले से तैयारियों में जुट जाते हैं। इन्हीं तैयारियों में से एक होती हैं उसके नाम को चयन करने की। सनातन धर्म के अनुसार, बच्चे को बहुत सोच-समझकर नाम देना चाहिए, क्योंकि यह उसके पूरे जीवन की दशा और दिशा तय करने की ताकत रखता है। ऐसे में नवजात के लिए सही नाम का चयन करना परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम बन जाता है। कई बार भावनाओं या मजाक में रखे गए नाम बच्चों के लिए भविष्य में शर्मिंदगी और परेशानी का कारण बन सकते हैं। इसलिए नामकरण करने के दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। यहां जानिए उनके बारे में।
*आसान उच्चारण वाला नाम चुनें कई बार बच्चे का नाम बहुत कठिन उच्चारण वाला रखा जाता है। इससे स्कूल, दोस्तों और समाज में बच्चे को परेशानी हो सकती है। इसलिए हमेशा ऐसा नाम चुनें, जिसे आसानी से बोला और समझा जा सके। ऐसा नाम चुने जिसे बड़े-बुजुर्ग भी आसानी से ले सके। *जन्म नक्षत्र और वंश का ध्यान आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, जन्म के समय का नक्षत्र बच्चे के नाम का चयन करते समय मददगार साबित होता है। इसके साथ ही वंश और गोत्र का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है। इससे भविष्य में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
*नाम का अर्थ सही हो शास्त्रों में कहा गया है कि नाम का अर्थ होना जरूरी है। केवल मनोरंजन या यूनिक होने के लिए नाम न रखें। सार्थक और सकारात्मक अर्थ वाला नाम बच्चे के व्यक्तित्व और जीवन पर अच्छा प्रभाव डालता है। *नाम छोटा और सरल रखें लंबे नाम लिखने और याद रखने में कठिन हो सकते हैं। इसलिए नाम छोटा, सरल और याद रखने योग्य होना चाहिए।
*ऐसे नाम रखने से बचें घर में प्यार से बुलाए जाने वाले नाम भी आगे चलकर आपके बच्चे के आत्मसम्मान पर असर डाल सकते हैं। ऐसे नाम न चुनें, जिन्हें लेकर बच्चे का मजाक बनाया जा सके। *अप्रचलित नाम से बचें बच्चे के सिए ऐसे नामों के चयन से बचना चाहिए, जो कि जमाने के हिसाब से चलन में ही न हो। बहुत पुराने या आज के समय में असामान्य नाम बच्चे को असहज महसूस करा सकते हैं। इसलिए समय और ट्रेंड के अनुसार नाम चुनना उचित है।
*कॉमन नाम न रखें अगर आप बिना मेहनत किए सोच रहे हैं कि कोई ट्रेंडिंग नाम रख लिया जाए, तो जरा रुकिए। ट्रेंडिंग होने के कारण कुछ नाम बहुत कॉमन हो जाते हैं। ऐसे नाम बच्चों की पहचान को सामान्य बना देते हैं और हर जगह कई लोगों के नाम से मिल जाते हैं। इसलिए थोड़ी सी मेहनत करें और अपनी नन्ही सी जान के लिए कोई यूनिक और सार्थक नाम ही चुनें। •••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤•••• ⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।। *दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेने वाले जातक धर्म अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।।



