शासकीय महाविद्यालय में मनाई गई बलराम जयंती, कृषि उत्सव के रूप में हुआ आयोजन

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । शासकीय महाविद्यालय उमरियापान में बुधवार को भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में बलराम जयंती एवं कृषि उत्सव मनाया गया । कार्यक्रम में भगवान बलराम के जीवन, उनके व्यक्तित्व एवं भारतीय कृषि परंपरा में उनके महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां विद्यार्थियों के साथ साझा की गईं ।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. दीपिका जैन ने भगवान बलराम के जीवन से जुड़ी विभिन्न कथाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बलराम जयंती को कृषि उत्सव के रूप में क्यों मनाया जाता है । उन्होंने भगवान बलराम को हलधर कहे जाने के कारण और भारतीय ज्ञान परंपरा में हल तथा कृषि के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी ।
राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. अभिलाषा चौरसिया ने बताया कि भारतीय परंपरा में बलराम जयंती को हलषष्ठी पर्व के रूप में भी मनाया जाता है । इस दिन महिलाएं व्रत-उपवास रखकर प्रकृति की पूजा करती हैं और धरती माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की परंपरा निभाती हैं । उन्होंने हलषष्ठी व्रत से जुड़ी मान्यताओं एवं कथाओं की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी । उन्होंने बताया कि व्रत रखने वाली महिलाएं इस दिन जुताई से संबंधित खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करती हैं ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी हलषष्ठी व्रत एवं भारतीय कृषि परंपराओं से संबंधित विभिन्न जानकारियां साझा कीं । इससे विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, प्रकृति, कृषि और लोकपरंपराओं के आपसी संबंध को समझने का अवसर मिला ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की । आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कृषि संस्कृति से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया ।



