अवैध शराब पैकारियो के खिलाफ महनेर, मड़ेरा की महिलाओं का मोर्चा

थाने से तहसील तक गूंजा विरोध, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े जन आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । उमरियापान थाना क्षेत्र के ग्राम महनेर और मडेरा में कथित अवैध शराब पैकारियों एवं गांजा को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है । गांजा एवं शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग को लेकर दोनों गांवों की दर्जनों महिलाएं शुक्रवार को सड़क पर उतर आईं । समाजसेवी चंद्रकांत चौरसिया के नेतृत्व में महिलाओं ने उमरियापान थाना और तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल और नायब तहसीलदार इसरार खान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा । महिलाओं ने गांवों में संचालित अवैध शराब पैकारियों की जांच कर उन्हें तत्काल बंद कराने की मांग की ।
*विधायक के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप*
ग्रामीणों ने बताया कि 13 अगस्त को तिरंगा यात्रा के दौरान क्षेत्रीय विधायक धीरेन्द्र बहादुर सिंह के समक्ष महनेर और मडेरा में शराब पैकारियों की समस्या रखी गई थी । ग्रामीणों के अनुसार विधायक ने मौके पर मौजूद उमरियापान थाना प्रभारी को पैकारियां बंद कराने के निर्देश दिए थे । इसके साथ ही विधायक द्वारा पुलिस अधीक्षक कटनी को भी मामले में कार्रवाई के लिए पत्र भेजे जाने की बात कही गई । ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आई, जिससे महिलाओं में नाराजगी बढ़ती गई ।
*शराब की उपलब्धता से बिगड़ रहा गांवों का माहौल*
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि गांव में आसानी से गांजा और शराब उपलब्ध होने के कारण आए दिन विवाद की स्थिति बनती है । शराब के कारण परिवारों पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है और गांव का सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है । महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब बिक्री के स्रोतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए ।
*प्रशासन को दी बड़े आंदोलन की चेतावनी*
ज्ञापन सौंपते समय चंद्रकांत चौरसिया ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से इस समस्या से परेशान हैं । यदि प्रशासन द्वारा शिकायत की गंभीरता से जांच कर अवैध शराब पैकारियों को बंद नहीं कराया गया, तो आसपास के गांवों की महिलाओं और ग्रामीणों को एकजुट कर बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा । उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी ।
महिलाओं ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि गांवों में अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाकर ग्रामीणों को राहत दिलाई जाए ।



