मध्य प्रदेश

स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में दोनों डायल-112 वाहन धक्का प्लेट

आपातकालीन सेवा पर उठे सवाल
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान* ।  थाना क्षेत्र में पुलिस की त्वरित सहायता के लिए संचालित दोनों डायल-112 वाहन इन दिनों खराब हालत में पहुंच गए हैं ।  स्थिति यह है कि दोनों वाहनों को स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाने की नौबत आने की बात सामने आ रही है ।  ऐसे में आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता समय पर पहुंचने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं  ।
डायल-112 सेवा का उद्देश्य सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल घटनास्थल तक पहुंचाना है, लेकिन स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र में दोनों वाहनों की खराब स्थिति इस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है ।  यदि किसी गंभीर घटना या आपात स्थिति की सूचना मिलती है और वाहन ही सुचारु हालत में नहीं हैं, तो पुलिस के मौके पर पहुंचने में देरी की आशंका बनी रहती है ।
*दो साल में ही जर्जर हुई वाहनों की स्थिति*
बताया जा रहा है कि डायल-112 के दोनों वाहन महज करीब दो वर्षों में ही जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं ।  वाहनों के नियमित मेंटेनेंस को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं ।  स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर वाहनों का रखरखाव और तकनीकी जांच होती रहे तो ऐसी स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए ।
*ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे रहवासी*
वाहनों के रखरखाव से जुड़े टेंडर और संबंधित व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं ।  यदि मेंटेनेंस में लापरवाही बरती गई है तो इसकी जांच होना आवश्यक है ।  खराब वाहनों का सीधा असर थाना क्षेत्र के रहवासियों पर पड़ता है, क्योंकि आपात स्थिति में उन्हें पुलिस की त्वरित सहायता की जरूरत होती है ।
*वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग*
स्लीमनाबाद क्षेत्र के लोगों ने पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि दोनों डायल-112 वाहनों की तत्काल तकनीकी जांच कराकर उन्हें दुरुस्त कराया जाए ।  साथ ही वाहनों के मेंटेनेंस में लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी आपात स्थिति में वाहन खराब होने के कारण पुलिस सहायता पहुंचने में देरी न हो ।
स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के दोनों डायल-112 वाहनों की बदहाल स्थिति को प्राथमिकता से दूर करना जरूरी है, ताकि आपातकालीन सेवा का उद्देश्य सही मायने में पूरा हो सके ।

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