मध्य प्रदेश

बिलहरी आंगनवाड़ी केन्द्र की जर्जर फर्श और जलभराव से बढ़ा खतरा

तहसीलदार से तत्काल कार्रवाई की मांग
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान।  ग्राम पंचायत बिलहरी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति को लेकर अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग उठने लगी है । आंगनवाड़ी केंद्र के मुख्य द्वार के सामने बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने से यहां आने वाले छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । जलभराव के कारण परिसर में फिसलन की स्थिति बनी हुई है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान केंद्र के सामने पानी जमा होने से बच्चों एवं महिलाओं को आने-जाने में परेशानी होती है। लंबे समय तक जलभराव रहने के कारण कीचड़ की स्थिति भी बन जाती है। ऐसे में आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था कराने की आवश्यकता जताई है ।
*धंसी फर्श ने बढ़ाई चिंता*
जलभराव की समस्या के साथ ही आंगनवाड़ी कक्ष की फर्श का एक हिस्सा धंस जाने से भवन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं ।  केंद्र में छोटे बच्चों की नियमित गतिविधियां संचालित होती हैं, वहीं गर्भवती महिलाएं और धात्री माताएं भी विभिन्न सेवाओं के लिए यहां पहुंचती हैं। ऐसे में क्षतिग्रस्त फर्श की स्थिति को देखते हुए किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है ।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम बिलहरी निवासी सौरभ चौरसिया ने 31 अगस्त को तहसीलदार रीठी के नाम आवेदन सौंपकर आंगनवाड़ी केंद्र का तत्काल निरीक्षण कराने और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है । आवेदन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान केंद्र की जर्जर फर्श तथा मुख्य द्वार के सामने होने वाले जलभराव की ओर आकर्षित कराया गया है।
*स्थायी समाधान और मरम्मत की मांग*
आवेदन में मांग की गई है कि आंगनवाड़ी केंद्र के सामने जमा होने वाले बारिश के पानी एवं कीचड़ की समस्या का स्थायी निराकरण कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही धंसी हुई फर्श की तकनीकी जांच कराकर उसकी आवश्यक मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराया जाए।
आवेदक ने यह भी मांग रखी है कि यदि प्रशासनिक निरीक्षण में आंगनवाड़ी भवन बच्चों एवं महिलाओं के लिए असुरक्षित पाया जाता है तो सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि केंद्र में आने वाले बच्चों और हितग्राहियों को किसी प्रकार का खतरा न रहे।
*फोटो सहित सौंपा आवेदन*
आवेदक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंगनवाड़ी भवन की जर्जर फर्श और जलभराव की स्थिति के फोटो भी आवेदन के साथ संलग्न किए हैं ।   आवेदन की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर कटनी, बाल विकास परियोजना अधिकारी रीठी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रीठी को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र छोटे बच्चों और महिलाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर समस्या के निराकरण के लिए कितनी शीघ्रता से कदम उठाए जाते हैं।

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