आचार्य श्री 108 विराग सागर जी के मंगल प्रवेश से पुलकित हुआ नगर
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
पथरिया । बुंदेलखंड के प्रथम दिगम्बर जैन आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज का भव्य मंगल आगमन आज जन्मभूमि पथरिया में सुबह 9 बजे बोतराई रोड से श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हुआ।मंदिर से प्रारंभ हुई मंगलागवानी में नगर के हर घर मे रंगोली, तोरण द्वार से सजाया गया।पुरुष एवं महिलाओं ने अपने अपने द्वारे पूज्य आचार्य श्री विराग सागर जी का पाद प्रक्षालन चरण पखारे। विशाल जलूस में धर्म ध्वजा धारण किये महिला मंडल, बालिका मंडल, नवयुवक भक्ति भाव से नाचते हुये आंगे चल रहे थे, उनके पीछे संगीत मंडल, डीजे, दिव्य घोष, महिला मंडल, पुरुष मंडल, नव युवक मंडल, बालिका मंडल, विराग मंडल सभी दिव्य धर्म ध्वजाएं लहराते हुए चल रहे थे। मंगल आगवानी में हजारों पैदल जलूश में चलते रहे।नगर के मुख्य मार्गो पर रंगोली सजाई जा रही थी नगर के हृदय स्थल संजय चौराहे पर भक्तों ने पूज्य आचार्य श्री के चरण प्रक्षाल कराए।नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए आचार्य श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन बड़े मंदिर पहुँचे। आचार्य श्री आहारचर्या कराने का सौभाग्य प्रकाश चंद मिट्ठू सराफ गुरुभक्त परिवार को प्राप्त हुआ।आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचनों में कहा कि एकता में शक्ति है हम हमेशा एक दूसरे को सहयोग देना सीखे, एक दूसरे के पूरक बने अपना प्रेम व्यवहार ऐसा बनाये जिससे सारी जनता आपके साथ हो जाये।क्योंकि यदि हम दो कदम बढ़ेंगे तो सामने वाला भी 200 कदम चलकर आपके पास आकर सहयोग करेगा।कार्यक्रम और आगवानी में नगर के अभी जैन जैनेतर बंधु समिलित रहे।



