कृषिमध्य प्रदेश

खरीदी केंद्र कुआ में लगा जाम, आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । इन दिनों खरीदी केंद्र कुआ काफी सुर्खियां बटोर रही हैं। रोड मे जाम लगा हुआ हैं। किसानो के द्वारा एवं निकलने वाले राहगीरो के द्वारा शिकायत की गई कि रोड में वाहन खड़े होने के कारण भारी दिक्कतो का सामना करना पड़ता हैं, दुर्घटना होने की भी लगातार आशंका बनी रहती हैं। केंद्र प्रभारी के ऊपर कहीं न कही प्रश्न चिन्ह खड़े होते हैं कि आखिर वाहन इस तरह क्यूं खड़े हैं। कृषि को एक ओर शासन जहां लाभ का धंधा बनाने के लिये जतन कर रही है वहीं दूसरी ओर सरकारी नुमाईदें शासन की मंशा पर पानी फिरने का काम कर रहे है और हर वर्ष की बार इस वर्ष भी धान उर्पाजन केन्द्र में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है और बिना कमीशन के धान का उर्पाजन करवाना किसी युद्ध जीतने से कम नहीं है। लिहाजा इनके द्वारा नियमों को रौंदकर पहले व्यापारी से धान की खरीदी की जा रही है और प्रत्येक क्विटल का 100 रूपये कमीशन लिया जाता है। वहीं सूत्रों ने यह भी बताया कि तुलाई वारदाने की सिलाई एवं स्केटिंग के नाम पर 40 रूपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भी वसूली की जाती है। जबकि शासन द्वारा बोरा पलटने, वजन करने सिलाई करने तथा छल्ली लगाने के लिये भी सरकार द्वारा हम्माल नियुक्त करने की व्यवस्था की जाती है। शासन द्वारा सूजा, सुतली और रंग के लिये पैसा मुहैया कराया जाता है लेकिन केन्द्र प्रभारी इसमें गोलमाल कर रहे है और किसानों को इसकी जानकारी नहीं देते है।वहीं विभागीय सूत्रों ने बताया कि केन्द्र प्रभारी के द्वारा किसानों से ही सारा खर्चा कराकर अपने करीबियों को ही रिकार्ड में हम्माल बताकर सारी हम्माली खुद ही चट कर जाते है। शासन द्वारा प्रति बोरा 40.760 किग्रा भर्ती प्रावधान किया गया है लेकिन कुंआ धान उर्पाजन केन्द्र में 41.200 किग्रा से 41.700 किग्रा तक लिया जा रहा है। हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है तथाकथित अधिकारियों के आदेश के बाद ही धान की गुणवत्ता को ताक पर रखकर खरीदी की जा रही है ।

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