मध्य प्रदेशविधिक सेवा

मानव अधिकारों का हनन अपराध है : न्यायाधीश द्विवेदी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । हमारे संविधान में मानव अधिकारों को सशक्त बनाकर हर एक नागरिक को अपने धार्मिक एवं सामाजिक कार्यो में स्वतंत्रता देते हुए मौलिक अधिकारों के साथ सम्मानजनक जीवन दिया है। मानव अधिकार सतत प्रक्रिया है सम्मानजन जीवन का अधिकार तो देता है साथ ही अपने कर्त्तव्य का बोध भी कराता है।
उक्त उदगार मानव अधिकार दिवस पर आयोजित विधिक जागरुकता शिविर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सचिन द्विवेदी ने व्यक्त करते हुए, सभी को सम्मानित जीवन जीने के साथ अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी ध्यान रखने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
उन्होंने अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों से आव्हान किया कि आपके आसपास कोई पीड़ित ओर शोषित व्यक्ति नजर आए तो उसको कानूनी सहायता दिलाए ताकि वो समाज में सम्मानजनक जीवन जिए ओर उन्हें जागरूक भी करें कि वो अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी ध्यान रखें।
अधिवक्ता संघ अध्यक्ष संतोष प्रभाकर बुंदेला, एम.मतीन सिद्दीकी, लोक अभियोजक धीरेंद्र सिंह गौर, श्रीकृष्ण तिवारी एवं अभिनव मुंशी ने भी मानव अधिकारों के उल्लंघन पर पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के साथ न्याय के महत्व को बताते हुए कहाकि न्याय के प्रति लोगों में अटूट आस्था है इसलिए जब भी उनके साथ अन्याय होता है तो वो कहता है कि हम आपसे कोर्ट में मिलेंगे। ये हमारे संविधान में निहित न्यायायिक निष्पक्षता की ताकत है।

Related Articles

Back to top button