मध्य प्रदेश

तालीम के बाद दूसरा आदेश पाक रहने का आया है: मौलाना सामिद नदवी

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । पैग़ंबरे इस्लाम को खुदा की तरफ से पहला हुकुम इकरा यानी पढ़ाई के लिए आया उसके बाद जो दूसरा हुकुम आया वह साफ सफाई पाकी के लिए आया इस बात से आप समझ ले कि पाक होना कितना जरूरी है। आप दिनभर नदी, तालाब, नहर में गोते लगाते रहे बाहरी तौर पर आप साफ हो जाएंगे लेकिन पाक तब ही होंगे जब नबी के तरीके से आपने गुसल किया होगा। गुसल के लिए तीन चीजें जरूरी हैं तीन बार कुल्ली करना रोजा ना हो तो गरारा करना, नाक की नरम हड्डी तक पानी पहुँचाना, पुरे बदन पर इस कदर पानी बहाना ,की एक बाल बराबर भी सूखा ना रह जाए।
उक्त बात मौलाना सामिद खां नदवी ने जुमे के खुतवे से पहले मरकज मस्जिद में उपस्थित नमाजियों के समक्ष कही। उन्होने सहाबी हज़रत उमर के ईमान लाने से पहले और कुरान पढ़ने के लिए उनकी बहन के द्वारा उन्हें पाक कराने के लिए गुसल कराए जाने के वाकिए का उदाहरण देकर पाकी की अहमियत को समझाया।
हुकमी और हकीकी पाकी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गुसल फर्ज होने पर हुक्मी पाकी हासिल करने का तरीका और बदन पर कोई नापाक चीज लग जाने पर हकीकी पाकी किस तरह हासिल की जाए के बारे में रोशनी डालते हुए उपस्थित लोगों से हर हाल में पाक रहने का आवाहन किया और बताया की एक सुन्नत जिंदा करने पर क्या सवाब मिलेगा यह आंखें बंद होने के बाद पता चलेगा, यदि नबी के तरीके पर जिंदगी गुजारी है तो ठीक है वरना पछताने के सिवा कुछ नहीं होगा। इसलिए अभी वक्त है उलेमा से पूछ कर नबी के तरीके अपनी जिंदगी में लाएं या अल्लाह के रास्ते में जमात में जाकर सीख लें, नबी के तरीकों पर जिंदगी गुजारने में ही दुनिया और आखिरत की कामयाबी है।

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