मध्य प्रदेश

तेंदुपत्ता के फर्जी प्रबंधक ने तेंदूपत्ता लिधौरा समिति के अध्यक्ष के साथ मिलकर डकार ली लाखों की राशि

रिपोर्टर : मनीष यादव
टीकमगढ़ । जतारा वनमण्डल अन्तर्गत जिला वनोपज यूनियन नाम से डीएफओ तेंदूपत्ता के मुखिया हैं। जिनके अन्तर्गत 25 से भी अधिक प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां आती हैं। जिनमे से लिधौरा तेंदुपत्ता समिति भी है। जिसका चुनाव सहकारिता विभाग के अधीन रिटर्निंग अधिकारी मधुर मिश्रा की उपस्थिति में 3 नवंबर 2022 को कराया गया था जिसका परिणाम उनके द्वारा 7 नवंबर 2022 को जारी करके घंसु काछी को अध्यक्ष और गणेश कुमार को उपाध्यक्ष निर्वाचित करते हुए अन्य 9 सदस्यों को संचालक मंडल में निर्वाचित किया गया था इस प्रकार 11 सदस्यों के संचालक मंडल/लिधौरा तेंदुपत्ता समिति का चुनाव 2022 में पूर्ण हुआ था।
तभी से संचालक मंडल खासतौर पर तेंदूपत्ता समिति लिधौरा के अध्यक्ष के साथ मिलकर तत्कालीन प्रबंधक रामलाल प्रजापति के द्वारा पीडीएस दुकानों के संचालन के साथ साथ तेंदूपत्ता समिति की शासकीय राशि का गबन किया गया जिसकी शिकायतों के चलते रामलाल को जेल भी जाना पड़ा जिसका केस अभी भी चल रहा है इसी दरम्यान फिर से वर्ष 2023 में रामलाल प्रजापति ने तेंदूपत्ता समिति में राशि आहरण में अनियमितता की गई जिसकी शिकायत वन विभाग द्वारा की जा रही थी जिसके लिए भी उसको जेल की नौबत आने वाली थी।
इसी बीच रामलाल ने घंसु काछी लिधौरा तेंदुपत्ता समिति अध्यक्ष के साथ मिलकर अपने बेटे कमलेश प्रजापति को फर्जीवाड़ा करके प्रबंधक बनवा लिया।
जिसकी शिकायत होने पर उसके द्वारा फर्जी दस्तावेज के आधार पर फर्जी नियुक्ति के संबंध में कोई अपराधिक कार्यवाही नहीं हो इस बात के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया।
अब जब वन विभाग और सहकारिता विभाग की तरफ से उसके स्थगन आदेश को रद्द कराने के लिए जवाबदावा की कार्यवाही करने लगे तो, उनको लगने लगा की निर्वाचित संचालक मंडल जिसमें 11 सदस्य निर्वाचित हुए हैं उनके फर्जी साइन डालकर फर्जी प्रस्ताव और फर्जी नियुक्ति की गई है के घर घर जाकर रहम की दुहाई संचालक मंडल के सदस्यों से मांग रहे हैं। संचालक मंडल में कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जिनको न तो संचालक मंडल में होने की जानकारी और न ही संचालक मंडल किसी भी बैठक के प्रस्ताव पर साइन किए हैं। मजेदार बात तो यह है कि कमलेश प्रजापति जो रामलाल प्रजापति का लड़का है जिसकी नियुक्ति संचालक मंडल के द्वारा 14 सितंबर 2023 की बैठक करके प्रस्ताव पारित किया गया है उसमें से संचालक मंडल के 2 सदस्य फोत(मृत) हैं।
साथ ही अधिकांश सदस्य बाहर खाने कमाने जाते हैं।
चुंकि प्रकरण हाइ कोर्ट में लंबित है इसलिए वनविभाग और सहकारिता विभाग फूंक फूंक कर कदम रख रहे हैं और कोई भी कार्यवाही करने से बच रहे हैं।
लेकिन ऐसे में आम जनता जो गरीब तेंदूपत्ता संग्राहक हैं उनका हो रहा है जिनको तेंदूपत्ता तोड़ने/संग्रहण करने और तेंदूपत्ता फड़ चलाने से रामलाल का लड़का नीरज प्रजापति और घंसु काछी का लड़का पवन काछी सरे आम दादागिरी से रोक रहे हैं जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था जिसके लिए वन विभाग ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और शासन के काम को रोकने के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी जिस पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे ऐसे अपराधियों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
गरीब तेंदूपत्ता संग्राहकों के पेट के लिए भी स्थानीय जनप्रतिनिधि आचार संहिता के चलते मोन बने हुए हैं।

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