पर्यावरणमध्य प्रदेश

दूसरे दिन भी नहीं मिला तेंदुआ, वन अमले ने लगाया पिंजरा

वन विभाग ने नाले में छिपे होने की आशंका जताई, दहशत में ग्रामीण
रिपोर्टर : शानू मंसूरी
गैरतगंज। तहसील के मुरली गांव से लगे खेत, नाले व पेड़ पर चहल कदमी कर रहा तेंदुआ दूसरे दिन भी गिरफ्त में नहीं आ पाया है, वन विभाग ने तेंदुए के नाले में छिपे होने की आशंका जताई है। विभाग ने पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है वहीं ग्रामीणों में तेंदुए की चहलकदमी से दहशत बनी हुई है।
तहसील मुख्यालय से 10 किमी दूर रमपुरा अंधियारी मार्ग से सटे गांव मुरली के खेत, नाले व पेड़ पर रविवार की सुबह से सक्रिय होकर चहलकदमी करने वाले तेंदुए के ग्रामीणों को दिखाई देने के बाद वन विभाग व ग्रामीण लगातार दूसरे दिन भी तेंदुए की तलाश करते रहे। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है परंतु तेंदुआ गिरफ्त में नहीं आ पाया है। रविवार की सुबह लगभग 9 बजे खेत से लगे नाले व पेड़ पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले आदमखोर पशु के रहवासी क्षेत्रों से सटे क्षेत्र में मूवमेंट करने से ग्रामीण दहशत में हैं। यह तेंदुआ रविवार को सुबह से देर शाम तक कई बार लोगों को दिख चुका है, ग्रामीणों ने उसके पेड़ पर चढ़ने का वीडियो भी बनाया है। हालांकि सोमवार को तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी नहीं मिली है, तेंदुए की आमद से मुरली सहित जमुनियां खास, अगरिया खुर्द व हिनौतिया खालसा आदि गांव के लोगों को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की चहल कदमी के बाद लोगों में दहशत फैल गई है, बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर तेंदुए की पहुंच वाले स्थान पर भी गए परन्तु वह छुप गया।
वन परिक्षेत्र अधिकारी धीरेंद्र पांडे का इस विषय में कहना है कि तेंदुआ होने की जानकारी के तत्काल बाद से विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। ग्रामीणों की हलचल से तेंदुआ संभवतः नाले में छिप सकता है, किसी भी प्रकार से तेंदुए को वापिस जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया जा रहा है वहीं तेंदुए को पकड़ने के लिए मौके पर पिंजरा भी लगाया गया है।
इससे पहले भी मुरली गांव से कुछ ही दूरी पर स्थित अंधियारी गांव के जंगल में विगत वर्ष में तेंदुए की सक्रियता रह चुकी है। यहां तेंदुए ने बड़ी संख्या में मवेशी को भी अपना शिकार बनाया था, वहीं ग्रामीण भी घायल हो गए थे। काफी समय तक ग्रामीण तेंदुए के आतंक से परेशान रहे थे। ग्रामीणों को डर है कि अंधियारी जैसी स्थिति मुरली में न बन जाए।

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