धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 01मार्च 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501

✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 04 मार्च 2025
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 विक्रम संवत : 2081 पिंगल संवत्सर विक्रम : 1946 क्रोधी
🌐 संवत्सर नाम पिंगल
🔯 शक सम्वत : 1946 (पिंगल संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5125_

🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसंत ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 03:16 PM तक उपरांत षष्ठी
📝 तिथी स्वामी – पंचमी के देवता हैं नागराज। इस तिथि में नागदेवता की पूजा करने से विष का भय नहीं रहता, स्त्री और पुत्र प्राप्ति होती है। यह लक्ष्मीप्रदा तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र भरणी 02:37 AM तक उपरांत कृत्तिका
🪐 नक्षत्र स्वामी – भरणी नक्षत्र का स्वामी शुक्र ग्रह होता है। इस नक्षत्र के देवता यम हैं।
⚜️ योग – इन्द्र योग 02:06 AM तक, उसके बाद वैधृति योग
प्रथम करण : बालव – 03:16 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – 02:01 ए एम, मार्च 05 तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:13:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:04 ए एम से 05:54 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:29 ए एम से 06:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:10 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:20 पी एम से 06:45 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:23 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 10:12 पी एम से 11:40 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 05 से 12:57 ए एम, मार्च 05
सर्वार्थ सिद्धि योग : 02:37 ए एम, मार्च 05 से 06:42 ए एम, मार्च 05
❄️ रवि योग : 06:43 ए एम से 06:49 पी एम 02:37 ए एम, मार्च 05 से 06:42 ए एम, मार्च 05
🚓 यात्रा शकुन – दलीया का सेवन कर यात्रा पर निकले।
👉🏼 आज का मंत्र – ॐ अं अंगारकाय नमः।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय – हनुमान मंदिर में मसूर दाल का मीठा पकवान चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय – खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – रवि योग/ राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस, प्रसिद्ध साहित्यकार ठाकुर जगमोहन सिंह स्मृति दिवस, साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु जन्म दिवस, ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित भारतीय सैनिक दीवान सिंह दानू जयन्ती, प्रसिद्ध भारतीय अधिवक्ता सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा स्मृति दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा), श्रीकाशीविश्वनाथ शृंगार दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🏘️ Vastu tips_ 🏚️
यात्रा के दौरान नदी, आग और हवा को लेकर कोई भी नेगेटिव बातें नहीं करनी चाहिए।
गुप्त दान करने से भी यात्रा और कार्य में सफलता मिलती है। यात्रा के पहले घर के पास किसी मंदिर में जाकर नारियल चढ़ाएं। मंदिर के किसी स्थान पर पैसे रख दें। लेकिन पैसों को रखते हुए आपको कोई न देखे। सफल यात्रा के लिए यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
आप किसी उत्सव या शुभ-मांगलिक कार्य के लिए घर से बाहर जा रहे हैं तो एक डब्बे में दाल, चावल, आटा, चीनी, फूल और मिठाई भरकर रखें। जब आप यात्रा से लौटें तो इसे किसी गरीब, जरूरतमंद या ब्राह्मण को दान दे दें।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शनिदेव स्वयं कहते हैं कि ‘जो शनिवार को पीपल को स्पर्श करते है, उसको जल चढ़ाता है, उसके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उसको कोई पीड़ा नहीं होगी |’ ग्रहदोष और ग्रहबाधा जिनको भी लगी हो, वे अपने घर में 9 अंगुल चौड़ा और 9 अंगुल लम्बा कुमकुम का स्वस्तिक बना दें तो ग्रहबाधा की जो भी समस्याएँ है, दूर हो जायेगी |
स्नान के बाद पानी में देखते हुए ‘हरि ॐ शांति’ इस पावन मंत्र की एक माला करके वह पानी घर या जहाँ भी अशांति आदि हो, छिडक दे और थोडा बचाकर पी लें फिर देख लो तुम्हारा जीवन कितना परिवर्तित होता है |
🍾 आरोग्य संजीवनी 🍶
सरसों का तेल बालों में लगाने के फायदे
पुराने समय से सरसों का तेल बालों में लगाया जाता है। इसी वजह से हमारे पूर्वजों के बाल जल्दी सफेद नहीं होते थे। सरसों के तेल में ओमेगा 3, विटामिन और कई पोषक तत्व होते हैं, जो बालों को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं।
सामग्री:
आंवला पाउडर: 1 चम्मच
कॉफी: 1 चम्मच
काले तिल: 1.5 चम्मच
मेथी पाउडर: 1.5 चम्मच
सरसों का तेल: 100 ग्राम
मेहंदी पाउडर: 0.5 चम्मच
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सीमन्तोन्नयन संस्कार क्यों ?

सोलह संस्कारों में तीसरा संस्कार होता है सीमन्तोन्नयन | इसका उद्देश्य गर्भपात रोकने के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु व गर्भवती स्त्री की रक्षा करना तथा गर्भवती स्त्री को मानसिक बल प्रदान करते हुए उसके ह्रदय में प्रसन्नता, उल्लास और सांत्वना उत्पन्न है और गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क आदि को बलवान बनाना है |
यह संस्कार गर्भावस्था के चौथे, छठे या आठवें मास में किया जाता है क्योंकि ४ महीने के बाद गर्भस्थ शिशु के अंग – प्रत्यंग प्रकट हो जाते हैं और चेतना – संस्थान – ह्रदय के निर्माण हो जाने से गर्भ में चेतना का प्राकट्य हो जाता है, जिससे उसमें इच्छाओं का उदय होने लगता है | वे इच्छाएँ माता के ह्रदय में प्रतिबिब्मित होकर प्रगट होती है |
सीमन्तोन्नयन संस्कार में गर्भस्थ बालक का पिता मंत्रोच्चारण करते हुए शास्त्रवर्णित वनस्पतियों द्वारा गर्भिणी पत्नी से सिर की माँग (सीमंत) निकालना आदि क्रियाएँ करते हुए यह वेद – मंत्र बोलता है :
ॐ येनादिते: सीमानं नयति प्रजाप्तिर्महते सौभगाय |
तेनाहमस्यै सीमानं नयामि प्रजामस्यै जरदष्टिं कृणोमि ||
जिस प्रकार प्रजापति ने देवमाता अदिति का सीमन्तोन्नयन किया था, उसी प्रकार इस गर्भिणी का सीमन्तोन्नयन करके इसकी संतान को मैं जरावस्था तक दीर्घजीवी करता हूँ |
तत्पश्यात गर्भिणी को यज्ञावशिष्ट पर्याप्त घीयुक्त खिचड़ी खिलाने का विधान है | अंत में इस संस्कार के समय उपस्थित वृद्ध महिलाएँ गर्भिणी को सौभाग्यवती होने और उत्तम, स्वस्थ व भगवदभक्त संतानप्राप्ति के आशीर्वाद देती हैं |
पाश्यात्य अन्धानुकरण में पडकर सीमन्तोन्नयन संस्कार के स्थान पर ‘बेबी शॉवर’ नामक पार्टी करके केवल बाह्य मौज-मजा में न कपं बल्कि सनातन संस्कृति के अनुसार शिशु को दिव्य संस्कारों से संस्कारित करें |
इस समय गर्भस्थ शिशु शिक्षण के योग्य हो जाता है | अत: आचरण – व्यवहार, चिंतन-मनन शास्त्रानुकूल हो इस बात का गर्भिणी को विशेष ध्यान रखना चाहिए | उसे सत्शात्रों, ब्रह्मवेत्ता महापुरुषों के जीवन-प्रसंगो व उपदेशों पर आधारित सत्साहित्य का अध्ययन करना चाहिए | सत्संग-श्रवण, ध्यान, जप आदि नियमित करना चाहिए | घर में ब्रह्मवेत्ता महापुरुषों के श्रीचित्र अवश्य हों, अश्लील व भयावह तस्वीरें बिल्कुल न लगायें |
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⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।

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