खेलमध्य प्रदेश

पारंपरिक खेलों का समापन,प्राचीन खेलों को जीवंत रखने का प्रयास,

विजेता भैया-बहनों को प्रमाण पत्र व पारितोषिक देकर किया सम्मानित
सिलवानी। विद्या भारती मध्य भारत प्रांत भोपाल के मार्गदर्शन में स्वर्गीय प्रीति शिक्षा समिति सियरमऊ द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर प्रतापगढ़ में पारंपरिक खेलों के आयोजन का समापन समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में विलुप्त होते जा रहे प्राचीन एवं पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी से जोड़ते हुए उन्हें जीवंत बनाए रखना रहा।
विद्या भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा इसी उद्देश्य से संपूर्ण प्रांत में पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जा रहा है। विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिताओं में भैया-बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न प्राचीन खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह के अवसर पर विभिन्न पारंपरिक खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता भैया-बहनों को समिति की ओर से प्रमाण पत्र एवं पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र सिंह यादव ने पारंपरिक खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेलों के माध्यम से भी विद्यार्थी जीवन में आगे बढ़ सकते हैं। प्राचीन समय में अनेक ऐसे खेल प्रचलित थे, जिनके माध्यम से मनोरंजन के साथ-साथ विद्यार्थियों को अनुशासन, सहयोग, धैर्य और विभिन्न जीवन मूल्यों की सीख मिलती थी। विभिन्न प्रकार के खेलों से भैया-बहनों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी सहायता मिलती है।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती द्वारा पारंपरिक खेलों के आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को हमारी प्राचीन खेल परंपराओं से परिचित कराने तथा उन्हें संरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

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