मध्य प्रदेश

पीआईयू रायसेन और ठेकेदार की मिलीभगत से जिला अस्पताल की बिल्डिंग और नालों नालियों फर्श का हो रहा घटिया निर्माण

निर्माण कार्यों की समय अवधि निकली, मौके पर पहुंचकर पीआईयू के अधिकारी फील्ड अधिकारी नालों भवनों निर्माण कार्यों का नहीं करते मॉनिटरिंग, मिस्त्री और कर्मचारियों के भरोसे चल रहा निर्माण कार्य, गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिला अस्पताल में लंबे समय से पीआईयू रायसेन और ठेकेदारों के जरिए घटिया बिल्डिंगों का निर्माण नालों और नालियों का निर्माण सहित ग्राउंड लेवल का फर्श आदि निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं यह निर्माण कार्य करोड़ों की लागत से कराए जा रहे हैं ।सारे मामलों में ताज्जुब की बात यह है कि इन घटिया निर्माण कार्यों की विभागीय अमले द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों की टीम ने मॉनिटरिंग करना भी मुनासिब नहीं समझा है ।जिससे निर्माण कार्य गुणवत्ता हीन धड़ल्ले से चल रहे हैं । अति बारिश में जिला अस्पताल कैंपस में चल रहे निर्माण कार्यो की पोल खुली। तब कलेक्टर अरविंद दुबे ने पीआईयू के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई तभी पीआईओ के एसडीओ एके दुराफे और उनकी टीम ने आनन फानन में मंगलवार को दोपहर निरीक्षण कर करोड़ों रुपये के चल रहे बिल्डिंगों, नालों फर्श निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान सीएमएचओ डॉ दिनेश खत्री, सिविल सर्जन डॉ एके शर्मा, आरएमओ डॉ विनोद परमार ने ठेकेदार सहित एसडीओ दुराफे और ठेकेदार को शिकायतों की झड़ी लगा दी गई।अस्पताल कैंपस में लबालब भरे बारिश के पानी से एम्बुलेंस वाहन सहित अन्य वाहनों के फंसने और जल्द पानी निकासी नहीं होने की बात कही।
नक्शो से हटकर किए जा रहा है कार्य ….
पीआईयू द्वारा स्वीकृत नक्शे से हटकर तीन गेट निर्माण, बड़ी बिल्डिंग और और नाला नालियों का निर्माण घटिया तरीके से यह अधिकारी और ठेकेदार द्वारा मिस्त्रीयों के भरोसे कराया जा रहा है । इन गुणवत्ता ही निर्माण कार्यो की पोल बारिश में एक बार नहीं बल्कि दो-दो बार खुल चुकी है। किंतु फिर भी पीआईयू के वरिष्ठ अधिकारी रायसेन से लेकर भोपाल तक घटिया निर्माण कार्यों के शिकवा शिकायतें उजागर हो चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर प्रभुराम चौधरी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान तक भी शिकायतें पहुंची। बहरहाल अब देखना यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों को जांच, घटिया नाला नालियों फर्श निर्माण की जांच होती है या फिर मामले में लीपापोती कर दी जाएगी ।लोगों का इन घटिया निर्माण कार्यों को खुलासा होने की पूरी उम्मीद है ।
इनका कहना है …..
आरएमओ डॉ विनोद परमार बताते हैं कि इन बिल्डिंगों का निर्माण करीब 6 महीने पूर्व हो जाना चाहिए था । जिला अस्पताल के नालों नालों और फर्श और तीन मंजिला बिल्डिंगों निर्माण का निर्माण भी लेकिन फिर से 4 महीने गुजर जाने के बाद भी अधूरे पड़े हुए हैं । राहगीर आए दिन इस में गिर रहे हैं आवारा पशुओं से गिरकर चोटिल हो रहे हैं इन निर्माण कार्यों की डेड लाइन बीत जाने के बाद भी पूर्ण नहीं कराए गए हैं।
भवनों की छतों पर भरे पानी का कराया जा रहा है निकासी….
तमाम शिकवा शिकायतों के बाद ठेकेदार द्वारा वर्तमान में मोटर पंप लगाकर अस्पताल में बनी बड़ी बिल्डिंग की छत से पाइप के जरिए सीधे नालों में पानी निकासी के इंतजाम कराए जा रहे हैं । दिन रात यह काम चल रहा है लेकिन संबंधित ठेकेदार गायब है । शिकायतों के बावजूद मरम्मत ड्राइंग के आधार पर निर्माण कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। यह बड़े शर्म की बात है।

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