मध्य प्रदेश

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की नातिनें कर रहीं, मनरेगा में मजदूरी,,,

हटा जनपद क्षेत्र का अनोखा मामला
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जिले की हटा तहसील का यह मामला अनोखा है. यहां पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटी का परिवार मनरेगा में मजदूरी कर रहा है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि पंचायत के दस्तावेज चीख-चीख कर बोल रहे हैं । दरअसल हटा तहसील की ग्राम पंचायत देवरागढ़ी के बरखेरा कलार में रोजगार गारंटी मद से शांति धाम की बाउंड्रीबाल का निर्माण किया जा रहा है। जहां की अनियमिताओं की शिकायत लगातार मिल रही थी। शिकायत पर जब ग्वालियर किरण की टीम ने मामले को खंगाला तो कई रोचक तथ्य सामने आए।
जॉब कार्ड में इनके नाम
बाउंड्रीबाल का निर्माण करने वालों में जिन मजदूरों के नाम है वह महाविद्यालय में भी अध्ययनरत है। हैरानी की बात तो ये है कि जिन लड़कियों के नाम शामिल हैं वो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल की नातिन है। इतना ही नहीं उनकी बेटी व दामाद के बैंक खातों में भी मजदूरी की रकम पहुंचाई जा रही है। नातिन का नाम दिव्या पटेल हैं. बेटी का नाम अनुसूईया रानी और दामाद का नाम रामदास पटेल लिखा है। इनके नाम के बाकायदा जॉब कार्ड भी मौजूद हैं। बिना नींव बनी दी बाउंड्रीवाल ग्रामीणों ने बताया कि नामचीन लोग ठेकेदारी का काम करते है, यह केवल एक सड़क, नाली, बाउंड्रीबाल बनाने का ठेका नहीं लेते बल्कि कुछ पंचायतें ही ठेके पर लिए हुए है। जिसमें काम कागजों पर होता है. मजदूरों में ज्यादातर लोग ठेकेदारों के रिश्ते-नातेदारों के नाम है, काम आधुनिक यंत्रों के प्रयोग से होता है। उन्होंने बताया कि शांति धाम की बाउंड्रीबॉल के निर्माण के पहले नींव की खुदाई ही नहीं की गई. जो तेज हवा में कभी भी गिर सकती है.हालांकि जब इन तमाम मुद्दों के विषय में हटा सीईओ ब्रतेश जैन से बात करनी चाहिए तो कॉल रिसीब नहीं हुआ, सोशल मीडिया पर जवाब चाहा तो प्रश्न पढ़ा लेकिन जवाब नहीं दिया. ऐसे में ये सवाल तो उठ ही रहा है कि क्या अधिकारियों की रजा मंदी से ही ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यों के निर्माण की खिचड़ी पकाई जा रही है?

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