बेसहारा पशुओं से आम लोग वाहन चालक परेशान : नेशनल हाईवे 86 पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, राहगीर हो रहे हादसे का शिकार
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। भोपाल रायसेन नेशनल हाईवे 86, सागर भोपाल स्टेट हाइवे पर इन दिनों बेसहारा पशुओं ने डेरा डाल रखा है। दिन-रात पशुओं को बैठे देखा सकता है। यह पशु हादसों को तो न्योता दे ही रहे हैं। साथ ही लोगों के लिए परेशानियों का सबब बने हुए हैं।हालांकि रायसेन कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे आवारा पशुओं को हटाने के लिए कई बार आदेशित भी कर चुके है। लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वहीं इन पशुओं के सड़क पर कहीं भी खड़े व बैठ जाने से ट्रैफिक जाम के हालात बन जाते हैं। बल्कि बीच सड़क पर अचानक लड़ने झगड़ने की वजह से राहगीर और दो पहिया तीन पहिया वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि बीते महीनों में करीब एक दर्जन से अधिक लोग इन पशुओं की चपेट में आकर चोटिल हो चुके हैं। इन दिनों पशुओं की मौतों में वृद्धि हो रही है।पिछले महीने साँची फ्यूल पेट्रोल पंप के मैनेजर हेमन्त शर्मा भारत नगर से उनकी बेटी पलक शर्मा को कोचिंग क्लास से घर छोड़ने के लिए स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे।तभी मॉल के सामने उनकी स्कूटी अचानक बेकाबू हो कर सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के सामने आ गई।पशुओं को बचाने की कोशिश में वह गाड़ी से गिर गए।उनका सिर खोपड़ी पत्थर पर टकराने से खोपड़ी गर्दन की हड्डी डैमेज हो गई थी।हमीदिया अस्पताल भोपाल में एक हफ्ते बार उनकी मौत हो गई थी।गोपालपुर, पाटनदेव के रहने वाले एक एक बाइक सवार युवक रोड़ पर बैठे पशुओं के कारण चोटिल हो चुके हैं।
ट्रैफिक जाम के आएदिन बन रहे हालात….
ऐसे में रात के समय हाईवे ,स्टेट हाइवे सड़क पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती हैं। वहीं हाइवे 86,12 और 69 सड़क पर आवारा पशुओं के जमे रहने की वजह से समस्या और अधिक गहरा जाती है। स्थिति यह है कि सड़क के समीप और बीच सड़क पर आवारा गाय, बैल और सांड बीच सड़क पर बैठे रहते हैं।रात के समय लोडिंग वाहनों के चालकों के क्लीनरों से बार बार वाहनों से उतरकर रास्ता साफ करने पशुओं को डंडों से हटाना पड़ता है। जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही हैं। जिससे दुपहिया वाहन चालक पशुओं से टकराकर जख़्मी हो चुके हैं। वहीं सड़क के बीचों बीच बैठे होने के कारण बड़े वाहन इन्हें कुचल देते हैं। इस समस्या को लेकर लोग काफी परेशान हैं, लेकिन जिला व पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है



