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मौसम के बिगड़े मिजाज से सेहत के साथ फसलों की रंगत भी बिगड़ रही

लोगों को बीमार कर रही सर्दी- गर्मी
शाम होते ही बढ़ जाती है ठंडक

रायसेन । शहर सहित जिले भर में इन दिनों मौसम का बदला मिजाज फसलों की रंगत भी बिगाड़ रहा है। इसमें देरी से बोवनी करने वाले किसानों की फसल प्रभावित हो रही हैं। सेमरा के किसान दिलीप सिंह, सांचेत के सतीश मैथिल अभिषेक सिंह और सरपंच कल्याण सिंह लोधी, ज्ञानसिंह लोधी, परवरिया के कामता प्रसाद राठौर, दौलतराम यादव ने बताया कि जो मौसम 15 मार्च के बाद आता था, वह इस बार 15 फरवरी के बाद देखने को मिल रहा है।इसमें समय से पहले तेज धूप और 30 डिग्री से ज्यादा का तापमान गेहूं, चना, मसूर के लिए समस्या बना हुआ है। फसलों में दाने बढ़ने पर संकट आ गया है। देरी से बोवनी वाली फसलें ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। दाना तेज धूप में जल्दी सूखने लगेगा।इससे दाना पतला रह जाएगा। इसका उत्पादन पर काफी असर पड़ेगा। फसलें समय से पहले पकने और अब तो कटने भी लगी हैं।
मार्च में होती थी फसल कटाई रबी फसलों की कटाई मार्च के पहले हफ्ते में शुरू होती थी। लेकिन इस बार फरवरी में ही तेजी से बढ़े तापमान से कई जगह फसलें समय से पहले पक गई हैं और अधिकतर जगह कटाई भी शुरू हो गई है। जागरूक किसान वीर सिंह, करतारसिंह मीणा, मोहरसिंह बताते हैं कि अभी फसलें पूरी तरह पकी नहीं है और तेज धूप निकलने लगी हैं। ऐसे में गेहूं, चना मसूर का दाना पतला रह जाएगा।इससे उत्पादन में गिरावट होगी और एक से दो क्विंटल तक प्रति बीघा उत्पादन में कमी आएगी।
दिन-रात के तापमान में दोगुना अंतर: इस समय दिन और रात के तापमान में दोगुने का अंतर है। दिन में तीखी धूप चटकने लगी है, जबकि रात को ठंडक बनी हुई है। अधिकतम तापमान औसतन 30 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।
इस संबंध में एनपी सुमन, उप संचालक कृषि विभाग रायसेन का कहना है कि जिले में मौसम के मिजाज इन दिनों नरम गरम बने हुए हैं। दिन में अब तेज धूप लोगों को चुभने लगी है। तापमान एकदम से बढ़ा है. जिसका प्रतिकूल असर बाद की बुवाई वाली रबी सीजन की फसलों पर पड़ रहा है। लेकिन पहले बुवाई वाली फसलों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ना। अभी रात की सर्दी से फसलें सुधर जाएंगी।

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