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मौसम ने बदली करवट, बढ़ रहे वायरल फीवर सर्दी खांसी व जुकाम के मरीज

प्रभावित मरीजों के शरीर का तापमान पहुंच रहा सोल डिग्री के पार बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। मौसम के बदलने के साथ ही वायरल फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा सर्दी खांसी जुकाम और बच्चों में निमोनिया भी बढ़ने लगा है। शासकीय जिला अस्पताल सहित रायसेन शहर के प्राइवेट क्लीनिक में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है। दरअसल दीपोत्सव के बाद से ही सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। लोगों ने गर्म कपड़े पेटियों अलमारियों से बाहर निकलकर तेज ठंड से बचने उनको पहनना भी शुरू कर दिए हैं । ताकि ठंड से बच सकें
इन मौसमी बीमारियों के वजह से लगभग हर दूसरे घर में मरीज बढ़े हैं। वायरल फीवर की जकड़ में आए मरीजों के शरीर का तापमान 102 से 105 डिग्री तक पार कर रहा है। खासकर बच्चे वायरल फीवर में तप रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में अन्य देशों की तुलना में मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। पहले जहां 650 से 700 के बीच मरीज आ रहे थे।दिवाली बाद से मौसम बदलते ही इन मरीजों की संख्या 1200 से ज्यादा पार कर गई है।इस तरह कुल मिलाकर मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है।
जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ एमए अहिरवार, मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर यशपाल सिंह बाल्यायान, डॉ एसके झारिया के मुताबिक सर्दी खांसी जुकाम सिर दर्द बच्चों में निमोनिया और थ्रोड इंफेक्शन से पीड़ित मरीज इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचने लगे हैं। हाथ मुंह के छाले के अलावा वायरल फीवर और माइग्रेन जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल आने लगे हैं। शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटनदेव में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या इलाज कराने के लिए बढ़ने लगी है।
संक्रमण का खतरा….. यह बरतें सावधानी….
मौसम में बड़ी ठंडक की वजह से लगभग हर दूसरे घर में वायरल फीवर अटैक और सर्दी खांसी जुकाम बच्चों में निमोनिया के मरीज बढ़े हैं मरीज खासतौर से वायरल फीवर सर्दी खांसी और बदन दर्द से पीड़ित हैं।सिविल सर्जन डॉ एके शर्मा के अनुसार ऐसे में घर का कोई सदस्य वायरल फीवर से प्रभावित है तो घर के जो उस से दूरी बनाकर रखें। अन्यथा घर के अन्य सदस्य इन बीमारियों से प्रभावित हो सकते हैं स्पाइडर फीवर से बचें और जरूरी सावधानियां बरतें।
वायरल फीवर का असर करीब 1 सप्ताह तक…
जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आलोक राय के अनुसार वायरल फीवर का असर करीब 1 सप्ताह तक बना रहता है बच्चों में निमोनिया की और सर्दी खांसी की भी शिकायतें बढ़ने लगी हैं । बच्चों में निमोनिया तेज बुखार के अलावा अन्य शिकायतें भी बढ़ने लगी हैं इसीलिए अभिभावक बच्चों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी दवाएं और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना शुरू करा दें ।ताकि बच्चे निमोनिया अटेक से बचे रहें। पहले दो-तीन दिन में वायरल फीवर की शिकायत रहती थी लेकिन अब बदलते मौसम की वजह से है एक 1 सप्ताह तक वायरल फीवर अपना असर दिखा रहा है।
वायरल फीवर से बचाव के लिए यह सावधानियां बरतें…..

  • बीमारियों से बचने के लिए लोग मास्क का इस्तेमाल करें।
  • हंसते और खींचते समय व्यक्ति मुंह नाक पर रुमाल का इस्तेमाल करें धूल आदि से बचने काले चश्मे और रुमाल का भी प्रयोग करें।
  • लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों एकदूसरे के संपर्क से बचें।
  • वायरल प्रभावित मरीज को घर में ही आइसोलेट करें।
  • लोग ताजा और हल्के भोजन का प्रयोग करें।
  • बाजार की खाने पीने की खुले में रखी सामग्री का सेवन करने से बचें।

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