कृषिक्राइममध्य प्रदेश

मंडी ब्यापारी द्वारा 80 से अधिक किसानों से धोखाधड़ी कर अनाज को खरीदा, धोखाघड़ी का केस दर्ज, आरोपी व्यापारी जेल में

रिपोर्टर : मिथलेश मेहरा
उदयपुरा । मध्य प्रदेश का अन्नदाता खरे पसीने से मेहनत कर फसल पैदा करता है , वही अन्नदाता किसान की पाई पाई मेहनत की कमाई अनाज को व्यापारी द्वारा लालच देकर खरीदा जाता है । व्यापारी द्वारा दो करोड़ के अनाज का नही किया भुगतान ।
मामला है रायसेन जिले की उदयपुरा कृषि उपज मंडी का जहा राज ट्रेडर्स के द्वारा की गई धोखाधड़ी ।
रायसेन जिले के उदयपुरा में कृषि उपज मंडी के व्यापारी ने आधा दर्जन गांव के 80 से अधिक किसानों की उपज उनके घरों और खेतो से खरीदी गई । उदयपुरा तहसील के ग्राम रौसरा, शाहपुरा, धौलपुर, बेरसला, पिपरिया सहित 80 से अधिक किसानों से अप्रेल -मई में मण्डी व्यापारी रामस्वरूप शिल्पी ने मंडी के स्थान गाँव से खरीदी की । किसानों ने बताया कि व्यापारी ने मंडी जगह नही होने का कारण बताकर घरों से चना, गेंहू, मसूर, मूंग और धान की खरीदी की । लेकिन किसानों ने आरोप लगाया कि उनको विश्वास में लेकर और मंडी के कर्मचारियों के सहयोग से धोखाघड़ी की गई है ।
किसानों ने 4 अगस्त को उदयपुरा थाने में शिकायत कर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था
यह तीन मामले में समझे किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी को –
उदयपुरा तहसील के शाहपुरा निवासी राजपाल राजपूत ने बताया की उनके भतीजे की शादी 9 मई को थी घर गेंहू से भरा हुआ था इसको लेकर उन्होंने अनाज व्यापारी रामस्वरूप शिल्पी को 195 कुंटल गेहूं तुलवा दिया और व्यापारी ने गेहूं घर से उठा लिया । उस समय गेहूं का मूल्य 2250 रुपए प्रति कुंटल था अनाज व्यापारी ने चेंक भी दिए लेकिन अभी तक तीन लाख 99 हजार ₹750 प्राप्त नहीं हुए हैं वही दूसरा मामला ओमप्रकाश राजपूत के पास 3 एकड़ जमीन है इस पूरी जमीन में 22 कुंटल चने की उपज हुई थी ओमप्रकाश ने पूरे 22 कुंटल चना अनाज व्यापारी रामस्वरूप शिल्पी को तुलवा दिए थे वही 6 महीने पहले किसान के बेटे की मौत हो गई लेकिन उन्हें अनाज व्यापारी से चने की राशि आज तक नहीं मिल पाई है । कुल मिलाकर 80 किसानों से 1774 क्विंटल चना,1090 क्विटल तुवर, 464 क्विटल धान, 303 क्विटल मसूर, 251 क्विटल गेंहू और 173 क्विटल मूंग खरीदी गई थी यानि 2 करोड़ 16 लाख 33 हजार 500 रुपये का अनाज किसानों से मंडी व्यापारी ने खरीदा था ।
किसानों का आरोप है कि राज ट्रेडर्स के व्यापारी रामस्वरूप शिल्पी के द्वारा उनके घरों से माल उठाया गया। किसानों ने मंडी प्रबंधन से पूछा तो मंडी प्रबंधन ने कहा व्यापारी मंडी में राज ट्रेडर्स के नाम से रामस्वरूप शिल्पी रजिस्टर्ड है और इनको माल देने में कोई दिक्कत नहीं है इसी बात को लेकर किसानों ने मंडी सचिव एवं कर्मचारियों की बातों में आकर भ्रष्ट व्यापारी को अपनी मेहनत की पाई पाई बेंच दी । कुछ किसानों पर्ची नही दी व्यापारी घुमाता रहा ।
किसानों ने आरोप लगाया कि मंडी के कर्मचारियों के द्वारा भीड़ होने के चलते उन्हें आश्वस्त किया गया कि आपका अनाज घर से ही तुलवा दीजिए । पेमेंट हो जाएगा हम जवाबदार हैं व्यापारी होने से पूर्व कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक आवेदन दिया जा चुका है लेकिन किसानों को आज दिनांक तक अपनी मेहनत की कमाई का एक पाई भी नहीं मिल पाई है किसान परेशान है । कुछ किसानों को व्यापारी द्वारा पर्ची भी दी गई लेकिन भुगतान आज तक नही हुआ। किसानों का कहना है कि मंडी प्रबंधन की मिलीभगत से यह सब कुछ धोखाघड़ी किसानों के साथ हुई है अभी आरोपी जेल में हैं।
किसानों का आरोप है कि किसानों को जल्द से जल्द प्रशासन के द्वारा उनके अनाज की कीमत दिलवाई जाए ताकि किसानों के साथ से धोखाधड़ी हुई है उसमें जो भी लोग आरोपी हैं उन पर कड़ी कार्यवाही की जाए वहीं मंडी प्रबंधन ने कुछ किसानों को कैसा दिया है यह मंडी प्रबंधन की मिलीभगत से दिया है यह किसानों का आरोप है वही किसानों का कहना है कि सभी व्यापारी इन किसानों का सहयोग करें और उनकी मेहनत की पाई पाई लौटाई जाए । राज ट्रेडर्स रामस्वरूप शिल्पी के पोर्टल में अभी भी जो फसल खरीदी गई थी वह रजिस्टर्ड है वही मंडी प्रबंधन के द्वारा यह बताया गया कि उसकी आईडी को बंद कर दिया गया है।
मीडिया से किसानों ने गुहार लगाई कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और किसानों ने मीडिया के सामने अपने दुख दर्द को व्यक्त किया वही जब मीडिया ने मंडी प्रबंधन से बातचीत की तब मंडी सचिव रश्मि वर्मा ने बताया कि किसानों ने अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए अपनी फसल को घर से बेच दिया है जिसमें उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है किसान की फसल मंडी के अंदर आती है तब जिम्मेदारी मंडी प्रबंधन की होती है वही मंडी प्रबंधन ने 26 किसानों का अनाज की कीमत उन किसानों को दे दी है जबकि अभी भी मंडी के पोर्टल पर किसान का अनाज दिखाई दे रहा है मंडी सचिव के द्वारा कहा गया है कि यह पोर्टल में किसी कारण बंद नहीं हुआ है यदि मंडी प्रबंधन के द्वारा 26 किसानों का भुगतान किया गया है तो शेष किसानों का भुगतान क्यों नहीं किया गया यह प्रश्न मंडी प्रबंधन सवाल पैदा करता है । वही किसान दर दर ठोकर खाने को मजबूर है लेकिन आज दिनांक किसानों का पैसा प्राप्त नहीं हुआ है किसानों के द्वारा मुख्यमंत्री कलेक्टर मंडी प्रबंधन सहित सभी को आवेदन दिया जा चुका है वहीं पुलिस के द्वारा व्यापारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है ।

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