संतश्री नागरजी को धमकी भरा पत्र: खरगोन में रैली निकालकर जताया विरोध

दो घंटे बंद रहा खरगोन बाजार, 13 संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन; संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
रिपोर्टर : कमल याज्ञवल्क्य
बरेली (रायसेन)। प्रख्यात गोसेवक एवं देश के विख्यात संतश्री पंडित कमल किशोर जी नागर को कार्यक्रम के दौरान मिले धमकी भरे पत्र के विरोध में शुक्रवार को बरेली तहसील मुख्यालय के समीप खरगोन कस्बे में सनातन समाज ने जोरदार प्रदर्शन किया। 13 सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के नेतृत्व में नागरिकों ने रैली निकाल कर घटना पर आक्रोश जताया और संतश्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ ही धमकी देने वाले व्यक्ति अथवा संबंधित तत्वों के विरुद्ध शीघ्र जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
दोपहर में खरगोन के मुख्य बाजार स्थित श्रीहनुमान मंदिर पर बड़ी संख्या में सनातन धर्मप्रेमी नागरिक एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में श्रीरामजानकी मंदिर पहुंचकर श्रद्धालु पुलिस सहायता केंद्र की ओर रवाना हुए। रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने संतश्री नागरजी के भजन गाकर उनके प्रति अपनी आस्था और समर्थन व्यक्त किया।
पुलिस सहायता केंद्र पहुंचने के बाद नायब तहसीलदार योगेश शुक्ला को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संत-महात्माओं को धमकी दिए जाने की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए तथा ऐसे मामलों में प्रशासन को त्वरित और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। रैली में खरगोन नगर के साथ ही आसपास के गांवों के नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
दो घंटे पूरी तरह बंद रहा बाजार
संतश्री नागरजी के समर्थन और धमकी भरे पत्र के विरोध में खरगोन के व्यापारियों ने शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखे। विरोध का असर पूरे बाजार में दिखाई दिया। बाजार की दुकानों के साथ चाय-पान सहित सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे।
13 संगठनों ने जताया विरोध
विरोध प्रदर्शन में संतश्री नागरजी गोभक्त मंडल, खरगोन व्यापारी महासंघ, हिंदू उत्सव समिति खरगोन, ग्राम पंचायत खरगोन, खेड़ापति माता मंदिर समिति, मातृशक्ति महिला मंडल, टीम सहयोग, नीम वाली माता महिला मंडल, करेंट वाले दादाजी महिला मंडल, मां कर्मा देवी समिति, लवकुश समिति, राष्ट्रीय बजरंग दल एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
इस दौरान सभी ने कहा कि संतश्री पंडित कमल किशोर नागरजी काफी सहज और सरल संत हैं। समाज में जन जागरण करते हैं। ऐसे अदभुत संतश्री को धमकी देने वाले व्यक्ति अथवा संबंधित तत्वों की पहचान कर मामले की शीघ्र जांच की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही संत- महात्माओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
खरगोन में हुए विरोध प्रदर्शन में नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी सनातन धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता रही। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि संत-महात्मा समाज के मार्गदर्शक हैं और उनकी सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।



