मध्य प्रदेश

सिहोरा के कण कण से एक ही आवाज जिला सिहोरा अबकी बार

सिहोरा जिला के समर्थन में लामबंद हुआ पूरा सिहोरा खितौला
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  सिहोरा जिला के समर्थन में हुए बंद के आह्वान का आज पूरे सिहोरा खितौला में खासा असर देखा गया । सिहोरा के व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को पूर्णता बंद रखा। बंद का आलम यह रहा कि छोटे-मोटे चाय पान की दुकान और सब्जी की दुकान है तक बंद रहे। बंद का समर्थन करने के लिए ट्रांसपोर्ट ने सिहोरा के अंदर अपने बसों को प्रवेश नहीं कराया। वाहनों का आवागमन सिहोरा के दोनों ओर बाईपास से होता रहा।दोपहर तक अधिवक्ता संघ ने बार काउंसिल की बैठक की और पूर्ण समर्थन की घोषणा कर दी ।
इससे पहले लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने सुबह से ही पूरे नगर का दौरा कर एक बार फिर जनता से अपने प्रतिष्ठानों को बंद करने का आग्रह किया। सिहोरा जिला की इच्छा रख रहे प्रत्येक व्यापारी और एक एवं आमजन ने अपने प्रतिष्ठानों को शत प्रतिशत बंद रखा। वहीं स्कूल और कॉलेजों ने भी अपने बच्चों की छुट्टियां घोषित कर दी।सिहोरा मंडी के व्यापारियों ने भी पूरी अनाज मंडी जिला के समर्थन में बंद कर दी ।
*अब दो दिन बंद –* दिन भर के बंद के बाद शाम को नगर के सभी व्यापारियों, समाज के सदस्यों और आमजनों ने धरना स्थल पुराना बस स्टैंड में एक बार फिर बैठक की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पूर्व घोषित अनिश्चितकालीन बंद के स्थान पर अब दो दिन का बंद रखा जाएगा । आगामी रणनीति आज दूसरे दिन के बंद के बाद जारी की जाएगी ।
*क्या है सिहोरा जिला का इतिहास –* सबसे पहले 21 अक्तूबर 2001 में सिहोरा को सबसे पहले जिला घोषित किया गया था।इसके बाद 11 जुलाई 2003 को सिहोरा जिला की चतुर्सीमा के निर्धारण करने का म प्र की सरकार का राजपत्र जारी हुआ । एक अक्तूबर 2003 को म प्र की सरकार की कैबिनेट में मंजूरी मिल गई।इसके बाद 5 जून 2004 को भाजपा की मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती ने सिहोरा जिला की पुनः घोषणा करते हुए नवंबर 2004 से लागू होने की घोषणा की।पूरी विभागीय प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद भी पिछले 20 वर्षो से सिहोरा जिला नही बन सका है ।
*ऐसा होगा सिहोरा जिला –* 2003 में जारी सिहोरा जिला के राजपत्र के अनुसार यदि सिहोरा जिला बनता है तो संपूर्ण सिहोरा, मझौली, ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद विकासखंड इसमें सम्मिलित होंगे।सिहोरा के जिला मुख्यालय हो जाने पर कटनी जिले के सिलोंडी,ढीमरखेड़ा, पानउमरिया, बाकल, बहोरीबंद, खमतरा और स्लीमनाबाद की जिला मुख्यालय से दूरी आधी से भी कम हो जाएगी ।

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