2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट देने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

रिपोर्टर : रीना विनोद मालवीय
गैरतगंज । मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से मुक्त रखने की मांग की है। संघ ने कहा है कि पुराने शिक्षकों की नियुक्ति उस समय लागू नियमों के अनुसार हुई थी, इसलिए उन पर वर्तमान TET नियम लागू करना उचित नहीं है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचनाओं, शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के आधार पर वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को न्यूनतम योग्यता संबंधी प्रावधानों से छूट दी जानी चाहिए।
संघ ने बताया कि कई शिक्षक 10 से 15 वर्षों से अधिक समय से शासकीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं और उन्होंने अपने अनुभव एवं प्रशिक्षण के आधार पर शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे शिक्षकों को अब TET परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि केंद्र सरकार के नियमों में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट प्रदान की जाए।



