24 किग्रा आटे की बोरी 20 दिन में 110 रुपए हुई महंगी
रिकार्ड तोड़ महंगाई
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। जिले में गेहूं की कमी का असर अब आटे के दामों पर साफ दिखने लगा है। पिछले 20 दिन में 24 किग्रा आटे की बोरी पर 110 रुपए की रिकार्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जानकारों की अगर हम मानें तो यह स्थिति मार्च तक बनी रहेगी। मार्च-अप्रैल में गेहूं की नई फसल आने के बाद आटे के दामों में गिरावट देखने को मिलेगी।
एकाएक से आटे के दामों में आए उछाल से चिंता में पड़े लोग….
अचानक बढ़े आटे की बोरियों के दामों को लेकर जब जानकारी जुटाई तो हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए। जिले से पिछले कुछ महीनों में नान ने 1 लाख 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं का निर्यात पश्चिम बंगाल, गुजरात और तमिलनाडु में किया है। जबकि रायसेन जिले में गेहूं की कमी है। पिछले दिनों सरकारी राशन की दुकानों पर गेहूं की जगह हितग्राहियों को चावल देने की बात भी सामने आई थी।
इस समय बाजार में आटे के फुटकर दाम की स्थिति देखें तो 24 किलो आटे की बोरी जो 20 दिन पहले 730 रुपए की मिल रही थी। वह अब 840 रुपए में बिक रही है।यह स्थिति लोकल आटे की पैकिंग में है। जबकि ब्रांडेड आटे की 5 किग्रा की पैकिंग जो एक महीने पहले 190 रुपए की आ रही थी वह अब बढ़कर 240 रुपए में मिल रही है।
इसके अलावा चावल के दामों में भी 10 रुपए किग्रा की तेजी देखने को मिल रही है। साथ ही छोला चना जो 120 रुपए किग्रा बिक रहा था, वह 150 रुपए किग्रा तक पहुंच गया है। किराना व्यापारी गौरी शंकर राय प्रदीप यादव रवि हुकमत राय जैसानी ने बताया कि आटे के दामों में रिकार्ड बढ़ोत्तरी का आलम यह है कि ग्राहक दुकानदारों की बात मानने को तैयार ही नहीं है।
उन्होंने बताया कि आटे के दामों में अचानक इजाफा होने की स्थिति पहले कभी नहीं बनती थी। इस बार मंडी में गेहूं महंगे दामों में जा रहा है। जिसका असर आटे के भाव पर पड़ रहा है। आने वाली रबी सीजन की फसल में गेहूं के दाम कम होने पर ही स्थिरता देखने को मिलेगी।
मंडी में गेहूं की आवक हुई कम, दाम भी ज्यादा रहे….
कृषि उपज मंडी रायसेन में बुधवार को गेहूं के दाम 2450 से 2500 प्रति क्विंटल रहे। मंडी में नाम मात्र के किसान ही गेहूं लेकर बेचने पहुंचे। ऐसे में मंडी में गेहूं की खरीदी कम हुई। अनाज व्यापारियों मनोज सोनी मनोज राठौर मिथलेश सोनी की मानें तो किसानों के पास इस समय कम गेहूं बचा है। साथ ही व्यापारियों के वेयर हाउस में भी नाम मात्र का गेहूं स्टॉक में है। इस समय रबी सीजन में जिले में 1 लाख 94 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी की गई है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि गेहूं का बेहतर उत्पादन होने से गेहूं की कमी दूर होगी।



